कोर्ट के आदेशों के बाद निगम आयुक्त रोहित जमवाल ने शुक्रवार दोपहर निगम अधिकारियों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए। कहा कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक सभी डिफाल्टर होटलों के कनेक्शन कट जाने चाहिए।
र्डर मिलते ही निगम की टीम फील्ड में पहुंची और एक-एक कर 20 से अधिक होटलों के कनेक्शन काट दिए। निगम आयुक्त ने होटलों पर कार्रवाई का जिम्मा अधिशासी अभियंता (सीवरेज) गोपाल कृष्ण को सौंपा है। उन्हें शनिवार दोपहर तक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
नगर निगम को इन होटलों से पानी बिल के करीब 26 लाख रुपये वसूलने हैं। नोटिस जारी होने के बावजूद ये होटल बिल नहीं दे रहे थे। निगम की सूची में कुल 72 होटल ऐसे हैं जिन्होंने सालों से पानी का बिल नहीं भरा।
ये राशि 58 लाख रुपये बनती है। नोटिस के बाद कई होटलमालिक किस्तों में बिल देने को तैयार हो गए जबकि ये 31 होटलमालिक बिल भरने नहीं आए। अब इनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
नगर निगम सालों तक सिर्फ नोटिस देने की प्रक्रिया ही पूरी करता रहा। होटलों को बिल न भरने के बावजूद जमकर पानी दिया जाता रहा। अब इन होटलों को दोबारा कनेक्शन लेने के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा। साथ ही सारा बिल ब्याज समेत चुकाना होगा।
नगर निगम ने होटल मेहमान, शारवा, रॉक्सी वेयर, ध्रुव रिजॉर्ट, होटल मार्स, ब्रिटिश रिजॉर्ट, होटल कैपिटल, होटल लॉर्ड ग्रे, होटल वैली व्यू, होटल प्रकाश, होटल ईस्ट वेरन, होटल शालीमार, होटल ब्रिज व्यू टू, होटल ईव, वुडविला, अकांत, होटल हिमाचल
होलीडे कुफरी, गेस्ट हाउस, इंद्रप्रस्त होटल के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इन्होंने साल 2014 से लेकर बिल नहीं भरा है। कई होटल ऐसे हैं जिनके तीन से चार पानी के कनेक्शन भी हैं।
निगम की टीम शुक्रवार को कनेक्शन काटने क्या पहुंची, कई होटल एकाएक बिल भरने को तैयार हो गए। निगम के अनुसार करीब आधा दर्जन होटल बिल देने को तैयार हो गए हैं। इनसे रिकवरी की जा रही है।
भट्ठाकुफर और गाहन इलाके में पिछले 13 दिन से पानी नहीं आ रहा। जोन वाइज शेड्यूल तय होने के बावजूद लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि निगम शिकायत के बावजूद पानी नहीं दे रहा।
चेतावनी दी कि यदि शनिवार को पानी नहीं दिया तो वे उग्र आंदोलन कर देंगे। उधर, पंथाघाटी वार्ड के साथ लगते शकराला में दो हफ्ते से पानी नहीं आया है।
पेयजल संकट से जूझ रही राजधानी में शुक्रवार शाम बारिश की फुहारों ने राहत दी। गर्मी और पेयजल किल्लत के बीच शाम करीब चार बजे शुरू हुई बारिश ने शहर में जलसंकट कुछ कम होने उम्मीद जताई है।
बारिश के बाद परियोजनाओं में पंपिंग में हल्का इजाफा हो सकता है। उधर, सूखे से किसानों और बागवानों ने भी राहत ली है।पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे शहर के लोगों ने बारिश शुरू होते ही पानी भरने के लिए छतों के नीचे बर्तन रख दिए। वहीं, शहर में शुक्रवार को भी टैंकरों से पानी देने का सिलसिला जारी रहा।