एमसी का तर्क, टारिंग के लिए तापमान सही नहीं, लोक निर्माण विभाग करवा रहा अपनी सड़कों की टारिंग
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एमसी के सात वार्डों में सड़कों की हालत है खस्ता अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सात वार्डों में खस्ताहाल सड़कों की टारिंग का काम लटक गया है। टेंडर अवार्ड करने के बावजूद नगर निगम ठंड यानि कम तापमान का बहाना बनाकर सड़कों की टारिंग का काम शुरू नहीं कर रहा है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग इन दिनों शहर में ही कई सड़कों की टारिंग कर रहा है।
इस पर अब नगर निगम के पार्षदों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इनका कहना है कि बीते साल भी उनके वार्डाें में सड़कों की टारिंग नहीं की गई। अब इस बार भी काम में देरी की जा रही है। शहर के संजौली, पंथाघाटी, विकासनगर, छोटा शिमला, न्यू शिमला, पटयोग और समरहिल वार्डाें में पिछले साल भी सड़कों की टांरिंग नहीं हो पाई है। यहां टारिंग के टेंडर बीते साल ही ठेकेदार को अवार्ड हो चुके हैं। अब सिर्फ काम शुरू होना है।
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नगर निगम ने अप्रैल के पहले हफ्ते से इन वार्डों में टारिंग का काम शुरू करने का दावा किया था लेकिन 15 अप्रैल बीतने के बाद भी ठेकेदार को टारिंग के लिए नहीं बुलाया गया है। शिमला शहर में 15 जून तक ही सड़कों की टारिंग हो पाती है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि मंगलवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई जा रही है। इसमें सड़कों की टारिंग और निर्माण कार्याें को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। शहर में इसी हफ्ते से टारिंग शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।
पार्षद बोले, देना पड़ेगा धरना
समरहिल पार्षद वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि एक साल पहले टेंडर अवार्ड हो चुके हैं लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं किया। कहा कि उनके वार्ड में बालूगंज से समरहिल, आईटीआई सड़क, रेलवे नेविला से आरट्रैक स्कूल, एमआई रूम, मिलाप भवन से लुंबा निवास तक की सड़क की टारिंग होनी है। कहा कि इस हफ्ते टारिंग शुरू नहीं की तो उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ेगा। पटयोग की पार्षद आशा शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड में भी टारिंग नहीं हुई है। यहां कम तापमान का बहाना भी निगम नहीं बना सकता। विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज ने कहा कि सड़कों पर जानलेवा गड्ढे पड़ गए हैं। नगर निगम को जल्द टारिंग शुरू करनी चाहिए। दो साल से वार्ड में टारिंग नहीं हुई है।