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रिज टैंक के सभी चैंबरों की मरम्मत न होने पर मेयर खफा

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शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान टैंक के छह चैंबरों में किए मरम्मत कार्य से मेयर सत्या कौंडल संतुष्ट दिखीं। लेकिन टैंक के बाकी तीन चैंबरों में मरम्मत न करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब एक बार टैंक खाली करवा दिया था और पैसा बचा है तो फिर इसकी भी मरम्मत होनी चाहिए थी। बार-बार इसे खाली करनेे की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी के अनुसार टैंक के पांच चैंबरों में दरारें थीं। इसलिए सिर्फ इसके अनुसार बजट और प्लान तैयार किया था। एहतियात के तौर पर छह चैंबरों की मरम्मत की गई है। बाकी तीन चैंबर ठीक है। लेकिन मेयर, डिप्टी मेयर और स्थानीय पार्षद का कहना था कि पूरे टैंक की बाकी मरम्मत और कोटिंग होती तो भविष्य में इसकी अलग से रिपेयर की जरूरत नहीं पड़नी थी।
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मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि इस बारे में कंपनी एमडी से बात की जाएगी। यदि रिपेयर का पैसा बचा है तो इनकी मरम्मत भी होनी चाहिए। कंपनी का कहना है कि बाकी तीन चैंबर की रिपेयर में कोई दिक्कत नहीं है। यदि निगम चाहता है तो इसकी मरम्मत की जाएगी। लेकिन इसके लिए बेल्जियम से निर्माण सामाग्री मंगानी पड़ेगी जिसमें डेढ़ से दो महीने लग जाएंगे। आने वाले दिनों में मरम्मत पर फैसला होगा।
बिना अनुमति रिज टैंक में घुस गए भाजपा कार्यकर्ता
ऐतिहासिक रिज मैदान टैंक में सिर्फ पेयजल कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों को उतरने की ही अनुमति है। नगर निगम महापौर, उपमहापौर, स्थानीय पार्षद या अन्य अधिकारी टैंक में जा सकते हैं। इसके अलावा आम लोगों की टैंक में एंट्री पर रोक है। यहां तक की मीडिया को भी कभी टैंक में नहीं जाने दिया जाता लेकिन बुधवार को भाजपा के दो कार्यकर्ता टैंक में उतरे और फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे। सवाल उठे तो मेयर सत्या कौंडल और बाकी अधिकारियों ने इनसे किनारा कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को टैंक में जाने की अनुमति नहीं दी थी। वह किसी कार्यकर्ता को अपने साथ नहीं ले गई थी। यह कार्यकर्ता अपनी मर्जी से टैंक में घुसे हैं। टैंक में बाहरी लोगों को ले जाने पर पाबंदी है। यह लोग कैसे टैंक में घुसे, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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