राजधानी शिमला के 50 भवन मालिकों के खिलाफ नगर निगम ने वारंट जारी कर दिए हैं। कई सालों से निगम को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले यह भवन मालिक अगर वारंट के बाद भी निगम के पास पेश नहीं हुए तो इनकी जब्त संपत्ति की नीलामी कर दी जाएगी।
सोमवार को सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर के आफिस में टैक्स नहीं चुकाने वाले 69 भवन मालिकों की पेशी हुई। 19 भवन मालिकों ने तो मौके पर 61,200 रुपये नकद और 2.42 लाख के पोस्ट डेट चैक जमा करवा दिए। 50 डिफाल्टर भवन मालिक पेशी में नहीं आए।
इन लोगों के खिलाफ अब वारंट जारी किए हैं। इन लोगों की 28 अक्तूबर को सहायक आयुुक्त कोर्ट में पेशी होगी। पेशी में अगर डिफाल्टर भवन मालिकों ने टैक्स जमा नहीं करवाया तो इनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
वसूली जाने हैं 2.44 करोड़
नगर निगम की कर शाखा से जुटाए आंकड़ों के अनुसार टैक्स डिफाल्टरों से 2.44 करोड़ की राशि वसूली जानी है। 730 डिफाल्टरों से बकाया लिया जाना है। 53 लाख रुपये का बकाया टैक्स सरकारी विभागों से भी वसूल करना है। 50 लोगों से करीब 14 लाख रुपये की वसूली हो गई है। 680 पर कार्रवाई जारी है।
जब्त संपत्ति को नीलाम करेगा नगर निगम
प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले भवन मालिकों की नगर निगम ने संपत्ति को जब्त किया है। डिफाल्टर टैक्स को जमा नहीं करवाते हैं तो नगर निगम जब्त संपत्ति को नीलाम कर देगा। नीलामी से पहले एमसी ने डिफाल्टरों को अंतिम मौका दिया है।
मूल से अधिक हो गया है ब्याज
कई टैक्स डिफाल्टरों का मूल से अधिक ब्याज हो गया है। इन भवन मालिकों ने बीते कई सालों से नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स की अदायगी नहीं की है।