हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण रोस्टर पर शुक्रवार को खूब सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार की ओर से निर्वाचक नियम बदलने और इसके बाद जारी संभावित रोस्टर को चुनौती देते हुए भाजपा ने दोपहर बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। उधर, शाम को सरकार की ओर से निर्वाचन नियमों में बदलाव करते हुए अधिसूचना जारी की गई। शहरी विकास सचिव की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार शहर में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित छह वार्डों में रोस्टर बदल जाएगा। इसमें जो वार्ड अभी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थे वे अब अनूसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो सकते हैं। शहर में कुल 34 में से छह वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
इन छह में तीन वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किए हैं। पहले जारी अधिसूचना के अनुसार इन छह वार्डों में जिन तीन वार्डों में महिलाओं की जनसंख्या कम थी उन्हें अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए आरक्षित किया था। अब उन तीन वार्डों को अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा जिसमें महिलाओं की जनसंख्या ज्यादा रहेगी। इस बदलाव के बाद अब जिला प्रशासन नया संभावित रोस्टर तैयार कर सकता है। इसके अनुसार अनाडेल, विकासनगर और नाभा वार्ड अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो सकते हैं। वहीं कृष्णानगर, फागली और खलीनी वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक रोस्टर जारी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
भाजपा ने दी रोस्टर को चुनौती
भाजपा ने सरकार की ओर से निर्वाचन नियमों में बदलाव के फार्मूले और जारी संभावित रोस्टर को कोर्ट में चुनौती दे दी है। भाजपा नेता संजय सूद ने बताया कि रोस्टर को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई है। शनिवार को इस पर सुनवाई होनी है।