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एमसी धर्मशाला बजट: होटल कारोबारियों को प्रॉपर्टी टैक्स में रियायत, ऑनलाइन होंगी निगम की सभी सेवाएं

Fri, 25 Feb 2022 10:37 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला

सार

नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने शुक्रवार को आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में नगर निगम के अनुमानित कुल व्यय में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अगले वर्ष के लिए नगर निगम धर्मशाला का कुल अनुमानित व्यय 128.9 करोड़ रुपये होगा। 
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मेयर ओंकार नैहरिया ने पेश किया बजट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने शुक्रवार को आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्तुत किया। बजट पेश करते हुए मेयर ने हाउस में बताया कि नगर निगम की कुल प्राप्तियां और प्रारंभिक शेष 187.8 करोड़ रुपये की हैं। पिछले बजट की तुलना में इसमें 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में नगर निगम के अनुमानित कुल व्यय में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अगले वर्ष के लिए नगर निगम धर्मशाला का कुल अनुमानित व्यय 128.9 करोड़ रुपये होगा। बजट में आगामी वित्त वर्ष में विकास कार्यों के लिए हर वार्ड को मिलने वाले फंड में कटौती की गई है।

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इसके चलते आने वाले समय में वार्डों के विकास कार्यों पर बुरा असर देखने को मिल सकता है। मेयर ने बजट पेश करते हुए बताया कि हर वार्ड में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये का आवंटन किया जाएगा। वहीं, पिछले वित्त वर्ष में हर वार्ड को इस मद के तहत एक-एक करोड़ रुपये दिए जाने का प्रावधान किया गया था। इस वर्ष कुल मिलाकर सभी वार्डों के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। मेयर ने सदन में कोरोना महामारी की मार झेल रहे होटल कारोबारियों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने की घोषणा की है।

उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से होटल कारोबारियों से एक वर्ष की ऑक्यूपेंसी के अनुसार एक महीने में प्राप्त कुल किराये के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाता है। वर्ष 2020-21 में कोरोना के चलते होटल का काम बंद रहा था। इसलिए कुल दस माह तक बंद रहे होटलों को इस अवधि के अनुपात में प्रॉपर्टी टैैक्स में रियायत दी जाने की अनुशंसा की गई है। वहीं, वर्ष 2020 में भी होटल करीब छह माह तक बंद रहे थे। ऐसे में छह माह के आधार पर 15 दिनों की ऑक्यूपेंसी के अनुसार किराया मूल्य के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स लिया गया है। 2021 में तीन माह के लिए आठ दिन के आधार पर टैक्स लिया गया है। 
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नगर निगम धर्मशाला की ओर से अपने नुमाइंदों को दी जाने वाली ऑनलाइन सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के इरादे भी बजट में दोहराए गए हैं। मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि जल्द ही नगर निगम धर्मशाला की सेवाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे नगर निगम के वाशिंदों को बार-बार दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें घर बैठे से सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभी तक हमारी पांच सुविधाएं जन्म-मृत्यु पंजीकरण, नक्शों को पास करना, अनापत्ति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और परिवार पंजीकरण की सुविधा ऑनलाइन दी जा रही हैं। 

हर वार्ड में पार्किंग सुविधा पर खर्च होंगे सात करोड़
नगर निगम धर्मशाला के सभी सात वार्डों में पार्किंग सुविधा के विस्तार के लिए कुल सात करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि पिछले बजट की तुलना में इस वर्ष पार्किंग सुविधा के लिए खर्च की जाने वाली धनराशि में पांच करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष पार्किंग निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया था। मेयर ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण यह पूरी राशि खर्च नहीं हो सकी थी। उन्होंने बताया कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी की ओर से भी विभिन्न पार्किंग के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

 पांच करोड़ रुपये में बनेंगे नए पार्क
नगर निगम क्षेत्र में पार्कों के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत वार्ड एक में डल, वार्ड तीन में मीठा नाला, ईको पार्क मैक्लोडगंज, वार्ड चार में कजलोट पार्क, वार्ड पांच में गमरू, वार्ड आठ और नौ में इको पार्क और  वार्ड 13,14,16 और 17 में पार्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

आपदाओं ने निपटने के लिए तीन करोड़ का बजट
धर्मशाला शहर में भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से कुशलता से निपटने के लिए तीन करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत हर पार्षद को 10 लाख रुपये अपने स्तर पर खर्च करने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा राज्य आपदा राहत निधि के तहत तीन करोड़ रुपये के अनुदान की मांग राज्य सरकार से की जा रही है। वहीं, नगर निगम में विभिन्न नालों और कूहलों के तटीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कूहलों के लिए भी दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

‘जन सहभागिता से विकास’ कार्यक्रम के लिए आवंटित किए तीन करोड़ 
जन-सहभागिता से विकास कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव पिछले वर्ष के बजट में शामिल गया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इस वर्ष इस योजना के लिए फिर से तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें लोगों और निगम की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होगी। इसके तहत 10 लाख रुपये तक की लागत के विभिन्न कार्यों जैसे सामुदायिक भवन, महिला मंडल भवन, कूहलें, फुटपाथ और फुटब्रिज इत्यादि का निर्माण करवाया जाएगा। इस योजना के तहत होम कंपोस्टिंग के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर अनुदान दिया जाएगा।

सफाई व्यवस्था व्यवस्था पर खर्च होंगे पांच करोड़
नगर निगम धर्मशाला ने शहर की सुंदरता और कूड़ा एकत्रीकरण की सुचारु व्यवस्था के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बीते वर्ष डोर-टू-डोर और गलियों की सफाई के लिए क्षेत्रवार चार-चार भागों में विभिन्न फर्मों को काम दिया गया। इस वर्ष इस मद में पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त वार्ड चार से 13 तक सीएलसी संस्था के माध्यम से कचरा उठाया जा रहा है।

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