हिमाचल के जिला कुल्लू के धार्मिक पर्यटन स्थल सरयोलसर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इससे माता बूढ़ी नागिन के कपाट बंद हो गए हैं। माता की वास स्थली सरयोलसर में बर्फ की सफेद चांदी बिछने से यहां पारा भी शून्य तक पहुंच गया है। ऐसे में अब पांच माह के लिए मंदिर के कपाट बंद हो गए हैं। गर्मियों के दिनों में यहां सालाना हजारों की संख्या में पर्यटक व श्रद्धालु सरयोलसर पहुंचते हैं। माता के भक्त अब अप्रैल महीने में बैसाख संक्रांति को ही दर्शन कर पाएंगे। समुद्रतल से करीब 10500 फीट ऊंचे सरयोलसर में सर्दियों के दिनों में भारी बर्फबारी होने व शीत लहर चलने से यहां माता की पूजा नहीं की जा सकती है। ऐसे में अब माता के दर्शन व धार्मिक मान्यता रखने वाली एक किलोमीटर की परिधि की झील के दर्शन नहीं हा सकेंगे।