शहीद ब्रजेश कुमार का फाईल फोटो
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बंगाणा (ऊना)। शहीद बृजेश कुमार को उनके अदम्य साहस के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित करने से क्षेत्रवासी गदगद हैं। शहीद के पिता धर्म चंद भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त हैं।
शहीद की शहादत पर कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने वीरवधु को सरकारी नौकरी और पचीस लाख नकद देने की घोषणा की थी। शहीद बृजेश कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित करने की खबर पहुंचने पर क्षेत्र वासियों ने संतोष और ख़ुशी। उन्होंने कहा कि शहीद का सम्मान हर हाल में होना चाहिए। शहीद बृजेश कुमार अपने पीछे पत्नी श्वेता और दो बेटियां कनिका (7) और शामली (2) को छोड़ गए हैं। शहीद बृजेश कुमार को शौर्य चक्र मिलने देने पर कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर, प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक विक्कू, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सती, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, चिंतपूर्णी के विधायक बलवीर चौधरी, गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर तथा प्रो. राम कुमार सहित कई अन्य सामाजिक संस्थाओं ने हर्ष व्यक्त किया है।
शहीद के परिवार को नहीं मिली सरकारी सहायता
शहीद बृजेश कुमार की शहादत के वक्त प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। इसमें से आज तक कुछ भी शहीद के परिवार को नहीं मिला है। शहीद की पत्नी श्वेता ने कहा कि उन्हें घोषणा के अनुरूप अभी कोई सहायता नहीं मिली है। अभी तक इसके लिए सरकार की ओर से कागजात बनाने का सिलसिला ही चल रहा है।