कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की अमानवीय यातनाओं से शहीद हुए सौरभ कालिया के पिता ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर इंसाफ की गुहार लगाई है। साथ ही फिर से ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। वह प्रधानमंत्री मोदी और सुषमा स्वराज से मामले को जल्द अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने के लिए मांग करेंगे।
इस हस्ताक्षर अभियान की प्रतिलिपि वह जल्द प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भेजेंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि उनके बेटे शहीद कैप्टन सौरभ कालिया की हत्या जेनेवा समझौते के खिलाफ हुई है। जेनेवा समझौते के मुताबिक किसी भी युद्ध बंदी के साथ कोई भी देश अत्याचार नहीं कर सकता, लेकिन उनके बेटे के शरीर को तो गर्म लोहे की छड़ों से जलाया गया, आंखों को छेदा गया और गुप्तांग काट दिए गए थे।
पाकिस्तान सेना ने सिगरेट के साथ उसके शव को जलाया और उसकी हड्डियों और दांत सब तोड़ दिए थे। इसके बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। 22 दिन पाक सैनिकों ने सौरभ और साथियों को जिंदा रखा था। फिर भी मुझे अपने पुत्र पर गर्व है कि उसने देश के लिए शहादत पाई।
डा. एनके कालिया ने लिखा है कि मैं पिछले 16 साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा हूं। चाहता हूं कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के जरिये शहीद सौरभ के हत्यारों को पहचाना जाए और इन्हें अमानवीययातनाएं देने के लिए कड़ी सजा दी जाए।