दुनिया भर में पिछले दो दशकों से तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण ग्लेशियरों का पिघलना भूगर्भ वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इससे उलट हिमालय क्षेत्र का तापमान बढ़ने के बजाय कम हो रहा है। अमेरिकी सेटेलाइट मेफिस से लिए आंकड़ों के अध्ययन से पता चला है कि हिमालय क्षेत्र के राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पिछले 10 वर्षों में चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
पिछले पांच वर्षों में इन क्षेत्रों के ग्लेशियर अप्रैल माह के बजाय जून माह में पिघलना शुरू हो रहे हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में भूगोल के प्रोफेसर और ग्लेशियर एंड इन्वायरमेंट पर स्टडी कर रहे प्रोफेसर मिलाप शर्मा ने दावा किया है कि अमेरिकी सेटेलाइट मेफिस के जरिये यहां का तापमान रिकार्ड किया जा रहा है। पारा ऊपर जाने के बाद नीचे उतरता है।
चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ रही है। यहां के लोगों को हर समय गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2005 के बाद मनाली के साथ लगते रोहतांग दर्रे और आसपास की चोटियों में औसत से ज्यादा बर्फबारी हो रही है।