शहीद की पार्थिव देह का इंतजार करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
भूटान में विमान हादसे में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल रजनीश परमार की पार्थिव देह शनिवार शाम तक घर नहीं पहुंची। शहीद के परिजन शनिवार दिन भर लाड़ले के पार्थिव शरीर का इंतजार करते रहे।
शुक्रवार रात को कर्नल रजनीश परमार के शहीद होने की सूचना मिलते ही मारंडा में रह रहे उनके माता-पिता के घर पर लोगों का आना जाना शुरू हो गया था, जबकि उनके पैतृक गांव ननाओं (सुलह) में भी लोग पार्थिव शरीर को लेकर जानकारी लेते रहे।
शनिवार दिन में पिता मुख्तयार और माता श्रेष्ठा देवी ने खाना भी नहीं खाया। उनकी आंखें भी आंसुओं से पथरा गईं। प्रशासन की ओर से एसडीएम पंकज शर्मा और तहसीलदार वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने शहीद के घर मारंडा पहुंचे।
शहीद को परिजनों को आस थी कि उनके बेटे का शनिवार को पार्थिव शव पहुंच जाएगा, लेकिन प्रशासन का कहना है कि अब रविवार सुबह शहीद रजनीश की पार्थिव देह पहुंचेगी। शहीद के पिता मुख्तयार परमार ने कहा कि शुक्रवार बेटे के जन्मदिवस पर उनसे सुबह बात कर बधाई दी थी।
रजनीश ने कहा था कि वह शाम को फोन करेगा। इस दौरान मां से भी बात हुई थी। उधर, एसडीएम पालमपुर पंकज शर्मा ने कहा कि शहीद रजनीश परमार की पार्थिव देह रविवार सुबह होल्टा कैंप लाई जाएगी, जिसके बाद उनके गांव ननाओं में अंतिम संस्कार किया जाएगा।