हिमाचल के कांगड़ा जिले की तहसील जवाली के गांव कुठेहड़ की विवाहिता उषा देवी (32) के शव को गुस्साए मायके वालों ने शनिवार को उसके ससुराल घर के पास ही जला दिया। इस कारण वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहीं, एसपी ने डीएसपी और एसएचओ जवाली को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही पुलिस ने मायके पक्ष के लोगों और वहीं के प्रधान के खिलाफ केस दर्ज लिया है।
मायके वालों का आरोप है कि उन्हें कुठेहड़ पंचायत का कोई सहयोग नहीं मिला और न ही कोई पंचायत का सदस्य उनसे मिलने आया। उषा की माता गुड्डी देवी, मासी और मामा का कहना है कि जब वे शव को लेकर कुठेहड़ पहुंचे तो हमें किसी ने कोई सहयोग नहीं किया, इसलिए मायके की तरफ से आई भीड़ ने करीबन आठ बजे घर के किनारे ही शव को जला दिया।
पुलिस करीबन नौ बजे मौके पर आई पर तब तक मायके वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। साथ ही मायके वालों ने कुठेहड़ पंचायत मुर्दाबाद के नारे लगाए। फिलहाल धीरे-धीरे सब शांत हो गया और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस सारे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। जब शव कुठेहड़ में पहुंच गया था तो फिर पुलिस ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया। जब पुलिस पहुंची तो लाश को आग के हवाले किया जा चुका था। अब पुलिस कोई बयान देने से अपना पल्लू झाड़ रही है।
तीनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस रिमांड
उषा देवी (32) हत्या केस में गिरफ्तार उसके पति अर्जुन सिंह, ससुर सूरत सिंह व सास विष्णु देवी को शनिवार को जवाली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।