नौणी विवि में आयोजित बैठक को संबोधित करते कुलपति।
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नौणी विवि का वन उत्पाद विभाग जंगली गेंदे की फसल तैयार करेगा। वन उत्पाद विभाग की प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. मीनू सूद ने और फार्म के प्रभारी डॉ यशपाल शर्मा ने बताया कि विभाग ने इस परियोजना के तहत लगभग 50 बीघा को विकसित करने की योजना बनाई है। जंगली गेंदे की एक अल्पकालिक फसल को पहले ही बीज के लिए काटा जा चुका है और भविष्य में रोपण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जंगली गेंदा, बबूना, कलिहारी (बीज उत्पादन के लिए) और लेमनग्रास (सुगंधित तेल के लिए) एवं चंदन को ढलान वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा, जिससे औषधीय और सुगंधित पौधों का एक स्थायी मॉडल विकसित किया जा सके। कुहट में जहां यह नया फार्म विकसित किया जा रहा है, वहां क्षेत्र एक साल पहले तक झाड़ियों से ढका था।
डॉ. कौशल ने औषधीय और सुगंधित पौधों की व्यावसायिक खेती और अन्य अनुसंधान गतिविधियों के लिए एक मॉडल फार्म के रूप में क्षेत्र को विकसित करने की अपनी दृष्टि साझा की। पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान, विभाग ने बिना किसी इनपुट के अल्पकालिक वर्षा-आधारित फसल के रूप में खेत के छोटे हिस्से में जंगली गेंदा लगाया। इस दौरान फार्म को जाने वाली सड़क का भी शुभारंभ किया गया।
विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ रविंद्र शर्मा, डीन वानिकी महाविद्यालय डॉ. भूपेंद्र गुप्ता, डीन उद्यानिकी महाविद्यालय डॉ. अंजू धीमान; रजिस्ट्रार प्रशांत सरकेक, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. दिवेंद्र गुप्ता, इस्टेट ऑफिसर विजय शर्मा, डीन उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग डॉ. डीडी शर्मा, सभी विभाग के प्रमुख, वन उत्पादों के संकाय और कर्मचारी उपस्थित रहे।