निदेशालय को मिले हैं नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव, अब सरकार लेगी अंतिम फैसला412 पंचायतें हैं जिले में, 12 पंचायत समितियां
दीपक मेहता शिमला। हिमाचल में पंचायत और पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पांच महीनों तक यह प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद नई पंचायत और पंचायत समितियां अस्तित्व में आएंगी। साथ ही गावों के नक्शे भी बदलेंगे।
पंचायतीराज विभाग के निदेशालय को जिले के 13 विकास खंडों से 73 नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजे हैं। अब नियमों के तहत सही पाए जाने वाले नई पंचायतों के प्रस्तावों की स्वीकृति पर सरकार फैसला लेगी। प्रशासनिक से ज्यादा यह मुद्दा राजनीतिक भी है। पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया 2020 में भाजपा सरकार में शुरू हुई थी। तत्कालीन मंत्रिमंडल समिति की सिफारिशों पर जिले में करीब 49 नई पंचायतें और 1 पंचायत समिति गठित की थीं। मौजूदा समय में पंचायतों की संख्या 412, पंचायत समिति 12 तथा 24 जिला परिषद वार्ड हैं। वहीं अब इस साल के आखिर में पंचायत चुनाव होने है। ऐसे में इस बार भी पंच, सरपंच और विधायक से लेकर सांसद तक पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर अपने फायदे-नुकसान का हिसाब किताब लगा रहे हैं। पंचायतों का पुनर्गठन सीधे-सीधे जन प्रतिनिधियों को भी प्रभावित करेगा। उधर जिन गांवों को किसी दूसरी पंचायत में शामिल करना है या फिर पंचायत का विभाजन होना है, चुनाव आयोग के निर्देश के बाद 30 जून तक नई पंचायतों के गठन की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पंचायतीराज विभाग के अधिकारी ने बताया कि नई पंचायतों के गठन के बाद जुलाई में मतदाता सूचियों की मैपिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
पुनर्गठन के लिए इन पंचायतों के मिले हैं प्रस्ताव
नई पंचायतों के पुनर्गठन और विभाजन के लिए पंचायत जुडू-शिलाल को विभाजित कर हिंडा भलावन, मझोली से बाग-धमराह, धारचांदना से डाक-शराड और कुलग से टिक्कर पंचायत बनाने पर सहमति बनी है। इसी तरह पंचायत खद्दर से धनेवारी, जवाग-छमरोग से वाहलखास, किरण से थांगड़, टिक्करी से बजाह, किरण से मनेवटी, पौडिया से लछोग, सरांह से क्यारी-शिलान, कुताह से औली, रूसलाह से रगेखाह, खद्दर और धवास से अंतरावली, झीना और ननहार से कढ़ीयाना, मधाना से भारण, देईया-दोची से बैहराड़, जाहू से जुणी, बड़ाच से लैलण, बगलती से दनेवटी, रेवग से हिवण, बसंतपुर से नडुखर, बसंतपुर से मंड्यालु, चलाहल से दाड़गी, खटनोल-देवला से जवाहर नगर, हिमरी से गढेरी और मझीवड़ से हाजल, रावलाक्यार से रुखला, नगान से खोल, सतलाई से ठूंड, दरभोग से शिलोंनबाग, जुन्गा से पुराना जुन्गा पुजारली, बलोग से नौहां, बल्देंया से सौंल, बल्देंया-चडी से क्यारकोटी, घूड से शिलोहा-पालू, देवठी से बटेवड़ी, दैहना से कढख, धार कंदरू से क्यार कंदरू के गठन का प्रस्ताव मिला है। क्यार से कालहर, टयाली से बलैंया, धर्मपुर मधान से भोगरा पल्ली, कोट शिलारू से मानन शिलारू, देवरीघाट से जोधपुर, बलग से शाही, धमांद्री से बटीवडा, नहोल से सौंथल, क्यारटू से नाल, बड़ोग से बथलावग, कथोग से कोटी और केलवी से गडाह, खंगटेडी से केवली, अढाल से बटाड़ी, करछारी से शलान, शाहधार से रंगोरी, बहाली से पलजारा, नरैण से ब्रांदली, शिंगला से कलना और डंसा से जगुणी अलग पंचायत बनाने की सहमति बनी हैै। देवठी-मुनिश से बर्कल, किन्नु से भगावट, गांवसारी से मकटोट, शीलादेश से धमवाड़ी, सोलंग से सासकीर, बढ़ाल से सरोट-राईका, थड़ी से लागडू सलान, पाहल से नहेवट, गन्योग-नेहरा से धरोग, घणाहट्टी से पड़ेच, पाहल-नेरी से चेवला और जार-डीव से धडेवाड़ी, शलौटा से कुई और पंचायत जार से विभाजित कर किंगल पंचायत बनाने पर सहमति बनी हैं।