मणिमहेश यात्रा के दौरान शनिवार दोपहर को राधाष्टमी के शाही मुहूर्त पर डल झील में हजारों शिवभक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद शिवभक्तों ने पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन किए।
पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान शनिवार दोपहर को राधाष्टमी के शाही मुहूर्त पर डल झील में हजारों शिवभक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद शिवभक्तों ने पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन किए। चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना के बाद लोटा (गड़वी) भरकर झील का जल लेकर घर के लिए रवाना हो गए। दिन भर शिवभक्त पवित्र डल की ओर कूच करते दिखे। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से शिवभक्तों ने शुक्रवार को शिव चेलों के डलझील पार करने (डल तोड़ने) की परंपरा निभाने के बाद आस्था की डुबकी लगाई।
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अन्य श्रद्धालु राधाष्टमी के मुहूर्त पर स्नान करने के बाद वापस लौटे। शनिवार दोपहर को राधाष्टमी का शुभ मुहूर्त 12:29 बजे के बाद शुरू हुआ। यह रविवार सुबह 10:41 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि राधाष्टमी पर डल झील में स्नान करना काफी लाभप्रद रहता है। इस बार मौसम साफ रहने के कारण श्रद्धालुओं ने यात्रा पर कुछ राहत महसूस की। कोरोना के कारण दो वर्षों तक पवित्र मणिमहेश यात्रा नहीं हो गई थी। इससे शिवभक्तों में निराशा थी, लेकिन इस बार काफी तादात में शिवभक्त पवित्र डल झील में डुबकी लगाने पहुंचे।