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मणिमहेश यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, लाहौल-स्पीति में बर्फबारी, हजारों मवेशी फंसे

Mon, 19 Aug 2019 02:51 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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जनजातीय क्षेत्र भरमौर उपमंडल में भारी बारिश के चलते भरमौर प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को फिलहाल आने से परहेज करने की हिदायत दी है। 24 अगस्त से छह सितंबर तक प्रस्तावित यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन हो गया है।

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मौसम भी अनुकूल नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रुक कर मौसम साफ होने और यात्रा के विधिवत शुरू का इंतजार करने को कहा है। खासकर भरमौर से आगे के मार्ग पर परिस्थितियां यात्रा के अनुकूल नहीं हैं। वहीं चंबा से आ रहे श्रद्धालुओं को भी आने से रोका गया है।

 चंबा से भरमौर तक मूसलाधार बारिश के बाद सड़क की दयनीय स्थिति और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं को अभी आने से मना कर दिया गया है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भरमौर पीपी सिंह ने कहा कि लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से भी यात्रा को मौसम के रुख को देखते हुए वह जगह-जगह मार्गों पर हो रहे भूस्खलन के चलते स्थगित करने की अपील की गई है।
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गौरतलब है कि जिले में मौसम के रौद्र रूप ने खूब कहर बरपाया है। हड़सर से डल झील तक भारी वर्षा के कारण 13 किलोमीटर का पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है।

आलम, यह है कि मूसलाधार बारिश के बाद अब मणिमहेश डल में स्थित चतुर्थ मुखी शिवलिंग जलमग्न हो गया है। इसके अलावा दुनाली पुल के पास रावी नदी के किनारे का बढ़ा हिस्सा बढ़े जलस्तर की भेंट चढ़ चुका है।

नाले के एक ओर कई अस्थायी दुकानें भी बह गई हैं। नतीजतन, अब प्रशासन की ओर से मणिमहेश यात्रा का रुख करने वाले शिव भक्तों पर रोक दिया है। हालांकि, चंबा से भरमौर तक हल्के वाहनों की आवाजाही तो है। लेकिन, बार-बार होने वाले भूस्खलन लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। 

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नीलकंठ में दो फीट बर्फबारी

एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने बताया कि नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने, हड़सर से डल झील तक के मार्ग के हालात सामान्य होने, भूस्खलन के थमने तक यात्रा पर रोक बनी रहेगी।

उन्होंने शिव भक्तों से आग्रह किया है कि ऐसे हालात में जान-जोखिम में डाल कर यात्रा न करें। उन्होंने कहा कि डल झील का जलस्तर बढ़ गया है। लिहाजा, लोग जलस्तर सामान्य होने तक एहतियात बरतें।

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के नीलकंठ में सोमवार को दो फीट ताजा बर्फबारी हुई है। यहां हजारों भेड़-बकरियां फंस गई हैं। चंबा के कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी में दस सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई।

रविवार देर रात मणिमहेश के साथ लगती चोटियों व डल झील पर भी बर्फबारी हुई है। साच पास में भी बर्फबारी होने से चंबा-पांगी मार्ग वाया साच पास बाधित पड़ गया है।
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