छोटे शाही स्नान को लेकर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 13 सेक्टरों पर सेक्टर अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए हैं। सेक्टरवार स्वास्थ्य कैंप भी स्थापित किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 700 पुलिस जवान व गृह रक्षक जवानों को यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर तैनात किया गया है। पुलिस व गृहरक्षक जवान यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जाम की समस्या व अन्य प्रकार की गतिविधियों में अपनी सेवाएं देंगे। वहीं, अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर की सेवाएं भी ली जाएंगी।
पवित्र मणिमहेश यात्रा की विधिवत शुरुआत से पहले ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु पवित्र डल झील में डुबकी लगाकर लौट आए हैं लेकिन प्रशासन ने अभी तक श्रद्धालुओं का पंजीकरण ही शुरू नहीं किया है।
यह हाल तब है, जब हर साल औसतन पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश के दर्शन को देश भर से पहुंचते हैं। वहीं, प्रशासन ने सोमवार से पंजीकरण की व्यवस्था करने का दावा किया है।
गौरतलब है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा पर लाखों शिव भक्त देश के कोने-कोने से पहुंचते हैं। इस बार भी मणिमहेश यात्रा के तहत 2 सितंबर तक सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगाकर वापसी कर चुके हैं। लेकिन 24 अगस्त को सेक्टर वार यात्रा पड़ावों को रवाना किए गए प्रशासनिक अधिकारियों के पास श्रद्धालुओं का सही आंकड़ा नहीं है।
अलग-अलग रूटों से लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से समय पर श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था न होने से कई दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं। इस बार भी ऐसा ही आलम बना हुआ है। श्रद्धालुओं का सही आंकड़ा उपलब्ध न होने से कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
इस बीच जिलाधीश चंबा हरीकेश मीणा का कहना है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का सोमवार से पंजीकरण शुरू किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा सोमवार से कलसुई में चार बैरियर स्थापित किए जाएंगे।