इस बार पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ रही है। अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु डल झील में स्नान करके वापस लौट चुके हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। जैसे-जैसे राधाष्टमी का शाही स्नान नजदीक आ रहा है, वैसे ही श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।
बीते कुछ सालों से देश के कोने-कोने से यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से भी भरमौर पहुंच रहे हैं और पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन करके वापस लौट रहे हैं। इस बार मणिमहेश यात्रा पर खास बात यह रही है कि मौसम साफ रहने के कारण श्रद्धालुओं को अच्छे से कैलाश पर्वत के दर्शन करने का मौका मिला।
इससे पहले कैलाश पर्वत पर अक्सर धुंध छाई रहती थी और श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए धुंध हटने का इंतजार करना पड़ता था। इस बार ऐसा नहीं था। श्रद्धालु विकेश कुमार, यदुनंदन, विजय सिंह, रोहित कुमार, रूपेश, अखिलेश, रीतू, प्रियंका व वैशाली ने बताया कि कैलाश पर्वत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि महिणमहेश के दर्शन करने का बहुत अच्छा मौका मिला। एसडीएम जितेंद्र कंवर ने बताया कि अब तक करीब तीन लाख श्रद्धालु ममिणहेश यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से सभी प्रबंध किए गए हैं।
जीएस बाली ने किए मणिमहेश दर्शन
खाद्य नागरिक आपूर्ति, परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने भरमौर बस स्टैंड का निरीक्षण किया। इस मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इस बस स्टैंड के साथ लगती जमीन को विभाग के नाम ट्रांसफर करने की दिशा में उचित कदम उठाएं।
साथ ही कहा कि दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करें, ताकि नए बस स्टैंड का निर्माण किया जा सके। इससे पहले जीएस बाली हेलिकॉप्टर के माध्यम से डल झील पहुंचे और कैलाश पर्वत के दर्शन किए। यहां से वापस भरमौर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश ठाकुर व सदर पंचायत प्रधान शिव चरण कपूर ने मंत्री को चौरासी का स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति मंत्री के समक्ष भरमौर से शिमला के लिए सीधी बस चलाने, लोकल रूटों पर मिनी बसें तथा सब डिपो खोलने की मांग की।
जीएस बाली ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इन मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। इस दौरान जिला परिषद के अध्यक्ष अमित भरमौरी और पंचायत समिति अध्यक्ष गोबिंद शर्मा मौजूद रहे।