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सीएम जयराम ने की घोषणा: बजंतरियों का मानदेय दोगुना, देवताओं का नजराना 33 फीसदी बढ़ा

Wed, 02 Mar 2022 06:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी साल में बजंतरियों के मानदेय में 100 फीसदी वृद्धि की घोषणा की। देवलुओं की राशन राशि में 50 प्रतिशत और 216 पंजीकृत देवी-देवताओं के नजराने में 33 फीसदी बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई। 
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजदेवता माधोराय की शाही जलेब के साथ बुधवार को सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि का भव्य शुभारंभ हुआ। राजदेवता संग 27 देवी देवताओं ने जलेब की शोभा बढ़ाई। वहीं, पड्डल मैदान में महाशिवरात्रि के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी साल में बजंतरियों के मानदेय में 100 फीसदी वृद्धि की घोषणा की। देवलुओं की राशन राशि में 50 प्रतिशत और 216 पंजीकृत देवी-देवताओं के नजराने में 33 फीसदी बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई। 

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दूसरी ओर इतिहास में पुरानी देव परंपरा बदली है। इस बार देव कमरूनाग देवसदन के लोकार्पण के लिए कांगणीधार मोतीपुर में देव कारज के लिए पहुंचे। बुधवार दोपहर 12:30 बजे सीएम ने मोतीपुर में 35 करोड़ की लागत से बने छह मंजिला देवसदन का लोकार्पण किया। इस दौरान बड़ा देव कमरूनाग भी देवत कार्य के लिए टारना से संस्कृति सदन कांगनीधार पधारे। हवन यज्ञ व पूर्णाहुति कार्यक्रम के बाद देवता दोबारा टारना में विराजमान हुए।

बता दें कि देव कमरूनाग रियासतकाल से सात दिन तक टारना में विराजते आए हैं और आठवें दिन वहां से उतरने की परंपरा रही है। इस बार देव संस्कृति सदन के लोकार्पण में होने वाले हवन यज्ञ के लिए देवसदन में देवलुओं संग पहुंचे हैं। उधर, माधोराय देवता की पालकी भी देवसदन पहुंची। बता दें कि रियासतकाल के बाद पहली बार आधुनिक सुविधाओं वाले देवसदन में 216 देवी-देवताओं, देवलुओं समेत एक हजार लोगों को एक ही छत के नीचे ठहरने की व्यवस्था होगी। 
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उधर, सीएम ने बताया कि पिछले साल बजंतरियों के मानदेय पर 9.52 लाख खर्च हुए थे। इस बार 19 लाख रुपये मानदेय मिलेगा। पिछले वर्ष राशन राशि पर 16.38 लाख खर्च हुआ था। इस साल 25 लाख खर्च होंगे। देवी-देवताओं को इस बार करीब 33 लाख नजराना राशि मिलेगी। पिछले वर्ष करीब 23.23 लाख नजराना मिला था। मुख्यमंत्री की घोषणा से देव समाज को करीब 38 लाख रुपये मानदेय, राशन राशि और नजराना के रूप में इस बार अधिक मिलेंगे।  

इससे पहले प्राचीन परंपरा का निर्वाह करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ने राजदेवता माधोराय के मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद रियासतकाल से निकलने वाली शाही जलेब में शिरकत की। जनसैलाब के बीच अपराह्न 3 बजे माधोराय मंदिर से चली जलेब शाम 5 बजे के बाद पड्डल पहुंची।

देवताओं को 75 साल बाद मिलेगी एक साथ छत
देवी-देवताओं को राजवाड़ी प्रथा खत्म होने के 75 साल बाद देवसदन के रूप में स्थायी ठिकाना मिलेगा। मंडी में राजशाही के समय से शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन हो रहा है। जिले के विभिन्न स्थानों से 200 से अधिक देवी-देवता देवलुओं व कारदारों के साथ शिरकत करते हैं। अलग-अलग जगह इनके ठहरने की व्यवस्था रहती है। इस दौरान इन्हें न सोने को और न खाने को सही स्थान मिलने से देव समाज में रोष रहता था, जिससे अब राहत मिलेगी।

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