हिमाचल में सत्ता की चाबी अमूमन राजघरानों के पास ही रही है। मंडी, शिमला और कांगड़ा संसदीय सीटों पर जीत दर्ज कर राजघरानों के सदस्य लोकसभा की दहलीज कई बार पार कर चुके हैं।
हालांकि, हमीरपुर में यह मिथक कभी नहीं बन पाया। राज्य में हमीरपुर एकमात्र सीट है, जहां से राजघराने का कोई भी सदस्य चुनावी रण में नहीं कूदा।
मंडी महासू सीट से 1952 में जीतकर फरीदकोट की राजकुमारी अमृत कौर संसद में पहुंची थीं।
वे इंडियन नेशनल कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। मंडी संसदीय क्षेत्र से सेन वंश के ललित सेन दो बार और जोगिंद्र सेन एक बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।