श्मशानघाट पर एक ओर चिता सजाई जा रही थीं तो दूसरी ओर बिलखते परिजन बेसुध थे। दूल्हे ने कांपते हाथों और डबडबाई आंखों से जब मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर आंख से आंसू निकल आए। इस हृदयविदारक दृश्य को जिसने भी देखा, उसका दिल बैठ गया। हादसे में दम तोड़ने वाली किंजल महज 11 महीने की थी।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की त्रासदी उन्होंने पहले नहीं देखी। ऐसा हादसा किसी के साथ न हो। नाचन के विधायक विनोद कुमार और इलाके के सैकड़ों लोग शोक संतप्त परिवार के पास पहुंचे और ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे क्षेत्र का दुख है। उन्होंने सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। फौरी राहत के तौर पर एसडीएम गोहर की ओर से मृतकों के परिवारजनों को 25-25 हजार रुपये की राहत राशि दी गई है।
पंडोह के समीप हुआ हादसा
हादसा 25 अप्रैल को बरात के लौटने के दौरान पंडोह की कुकलाह सड़क पर बाखली में पेश आया था। एक कार पंडोह डैम के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में सवार डाहलु राम, दुनी चंद, कांता देवी और उनकी पुत्री किंजल निवासी तरौर तहसील चच्योट और मीना पुत्री अमर सिंह निवासी नेपाल की मौत हो गई। इस हादसे में दूल्हे के भाई-भाभी और भतीजी के अलावा भांजी की मौत हो गई थी।