मंडी संसदीय उपचुनावों में तपे प्रचार पर बारिश की ठंडक के बीच सियासी माहौल और गर्म हो गया है। रविवार को दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस का प्रचार भी प्रभावित हुआ। सरकाघाट में भाजपा प्रत्याशी कुशाल ठाकुर को बंद कमरों में या किसी हाल में जनसभाएं करनी पड़ीं। वहीं कांग्रेस ने भी जनसभाएं कर भाजपा पर निशाना साधा।
यह अलग बात है कि मंडी के चुनाव में बार-बार असल मुद्दों से दोनों ही दल भटक रहे हैं और आरोप एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। प्रचार के मोर्चे पर दोनों ही दल एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इस गहमागहमी के बीच मतदाता खामोश हैं, जिससे नेताओं की धुकधुकी बढ़ रही है। अब देखना है कि मंडी के इस सियासी रण में मतदाता अपनी खामोशी तोड़कर क्या जनादेश देगा।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में अकेले मुख्यमंत्री ने कमान संभाल रखी है। हालांकि, दो दिन तक उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार भी मंडी के सियासी रण में उतरे थे और दोनों की जोड़ी ने चुनावी माहौल में जोश भरने का प्रयास किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने एक के बाद एक स्टार प्रचारकों की फौज चुनावी मोर्चे पर झोंक दी है। कांग्रेस के जी-23 ग्रुप के नेता भी सोनिया गांधी से सुलह के बाद प्रचार के लिए उतर गए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर आदि शामिल हैं।