मंडी महाशिवरात्रि व भूतनाथ मंदिर (फाइल)
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हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए सजने लगी है। महापर्व के कारज 20 जनवरी से बाबा भूतनाथ मंदिर से शुरू होने जा रहे हैं। 20 जनवरी रात्रि को मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर रात 11:00 बजे से 1:00 बजे के बीच में मक्खन रूपी घृतकंबल चढ़ाया जाएगा। गाय के दूध से तैयार करीब 21 किलो मक्खन शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। इसी के साथ देवी-देवताओं को शिवरात्रि आगमन के लिए न्योता भेजने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। हर दिन मक्खन पर दुनिया भर के प्रसिद्ध शिवलिंगों और देवी-देवताओं के स्वरूप को उकेरा जाएगा। अनन्य भक्तों को दर्शन देने के बाद 17-18 फरवरी मध्यरात्रि या तड़के सुबह मक्खन को निकाला जाएगा। शिव मक्खन रूपी घृत कंबल से निकलकर भक्तों को दर्शन देंगे।
18 फरवरी को बड़ा देव कमरूनाग लाव लश्कर सहित छोटी काशी मंडी पधारेंगे। 19 को महाशिवरात्रि पर्व का आगाज भव्य जलेब से किया जाएगा। घाटी के अधिष्ठाता देवता माधोराय की पालकी भूतनाथ मंदिर जाएगी और यहां पर पूजा-अर्चना के बाद मेले का आगाज होता है। इस दौरान मंदिर परिसर में ही घाटी के विभिन्न देवता भी ठहरते हैं। सात दिनों तक मंडी के देवता यहां रहते हैं और इस दौरान बाबा भूतनाथ के दर पर भी आते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2023 में 18 फरवरी शनिवार को महाशिवरात्रि का त्योहार है। मान्यता के अनुसार अगले दिन यानी 19 को पहली जलेब होगी।
पंडित मनोज शर्मा के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान करा कराएं। केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं। इसके बाद चंदन का तिलक लगाएं, बेलपत्र, भांग, गन्ने का रस, धतूरा, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिठाई, मीठा पान इत्र और दक्षिणा चढ़ाएं. इसके बाद खीर का भोग लगाकर प्रसाद बांटे। इस दिन शिव पुराण का पाठ जरूर करें।
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि 20 जनवरी रात्रि को मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर रात मक्खन रूपी घृत कंबल चढ़ाया जाएगा। गाय के दूध से तैयार करीब 21 किलो मक्खन शिवलिंग पर चढ़ेगा। हर दिन मक्खन पर दुनिया भर के प्रसिद्ध शिवलिंगों और देवी-देवताओं के स्वरूप को उकेरा जाएगा।