मंडी लारजी हादसे मामले की अंतिम सुनवाई हिमाचल हाईकोर्ट में 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है। अदालत ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई के बाद कहा कि अंतिम सुनवाई के दौरान तीन बिंदुओं पर ही विचार किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने उक्त मामले की सुनवाई की। अंतिम सुनवाई के दौरान पहला बिंदु यह होगा कि भविष्य में प्रदेश में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है। दूसरे बिंदु में क्या इस मामले की छानबीन सही तरीके से हुई है या नहीं। क्या नदी में डूबे छात्रों के अभिभावक दंड संहिता की धारा 173(8) के तहत ट्रायल कोर्ट में मामला उठा सकते हैं या नहीं।
तीसरा बिंदु यह रखा गया कि क्या हाईकोर्ट की ओर से मुआवजा राशि देने बारे याचिका ट्रिब्यूनल में पारित की जा सकती है या नहीं। इस दौरान लारजी हादसे में मारे गए हैदराबाद के छात्रों के परिजन भी मौजूद रहे। परिजनों ने वकील के माध्यम से कोर्ट को बताया कि वे नहीं चाहते कि उनके केस का स्थानांतरण हैदराबाद किया जाए।