हिमाचल के जिला मंडी के पास ब्यास नदी में बहे 24 इंजीनियरिंग छात्रों के मामले में पुलिस ने चालान पेश कर दिया है। पुलिस ने कॉलेज प्रिंसिपल समेत नौ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया है।
इसमें लारजी प्रबंधन के छह और वीएनआर संस्थान के तीन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया है। एसपी मोहित चावला ने बताया कि लारजी हादसे की जांच में प्रोजेक्ट प्रबंधन और वीएनआर संस्थान की लापरवाही सामने आने पर कोर्ट में चालान पेश किया गया।
हादसे के बाद औट थाना में आईपीसी की धारा 336, 304ए के तहत केस दर्ज किया था। मामले की जांच में लारजी प्रबंधन के अधिकारियों, कर्मचारियों और वीएनआर कॉलेज के प्रोफेसरों की लापरवाही सामने आई है।
वीएनआर संस्थान के जिन तीन फैकल्टी पर केस चलाने के लिए कहा गया है वह छात्र-छात्राओं के साथ टूअर पर साथ आए थे। आठ जून की शाम को करीब सवा छह बजे लारजी डैम से ब्यास नदी में पानी छोड़ा था।
इससे ब्यास नदी में मस्ती कर रहे 24 स्टूडेंट्स और एक टूअर लीडर बह गए थे। ब्यास नदी व पंडोह डैम से सभी शव बरामद हो चुके हैं। ये सभी शव करीब एक महीने तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किए गए थे।