विश्वविद्यालय के ट्रस्ट के चेयरमैन एवं मुख्य आरोपी राणा की पत्नी और बेटी को सोलन की स्थानीय अदालत ने 3 जनवरी को भगोड़ा घोषित कर दिया है। अब दोनों को आस्ट्रेलिया से प्रत्यर्पण के लिए सीआईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क साध लिया है।
मानव भारती विश्वविद्यालय से जुड़े बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले की जांच कर रही सीआईडी ने मुख्य आरोपी राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी को आस्ट्रेलिया से भारत लाने की कवायद शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय के ट्रस्ट के चेयरमैन एवं मुख्य आरोपी राणा की पत्नी और बेटी को सोलन की स्थानीय अदालत ने 3 जनवरी को भगोड़ा घोषित कर दिया है।
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अब दोनों को आस्ट्रेलिया से प्रत्यर्पण के लिए सीआईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क साध लिया है और उनके जरिये विदेश मंत्रालय की ओर से आस्ट्रेलिया की सरकार को उनके भगोड़ा घोषित किए जाने की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार कोर्ट के आदेश के आधार पर दोनों को जल्द भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंप सकती है।
दरअसल, अभी तक कोविड और ठोस कागजी कार्रवाई न होने से दोनों को सीआईडी भारत नहीं ला पा रही थी। इसी वजह से जांच टीम ने पूरा जोर कोर्ट के वारंट तामील कराने और आरोपियों को भगोड़ा घोषित कराने पर लगा दिया। सूत्रों के अनुसार दोनों पर ही विश्वविद्यालय के चलाए फर्जी डिग्री के गोरखधंधे में शामिल रहने के आरोप हैं। जांच टीम के पास इस बात के सुबूत हैं कि उनके नाम पर करोड़ों की संपत्तियां काले धन से खरीदी गईं।
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माना जा रहा है कि भारत न लौटने पर उनके नाम पर दर्ज कुछ अन्य संपत्तियों को भी सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय कुर्क कर जब्त कर सकता है। दोनो की भी डिग्रियां फर्जी हैं, जिनकी बदौलत वे विश्वविद्यालय से मोटी तनख्वाह के नाम पर लाखों रुपये ले रही थीं। अब तक जांच टीम राजस्थान के माधव विश्वविद्यालय तक पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि अब पत्नी व बेटी के नाम पर दर्ज कुछ अन्य संपत्तियों को भी सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर सकता है।