सामरिक महत्व का मनाली-लेह मार्ग सोमवार को दूसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रहा। कोकसर स्थित डोहरनी नाला के पास भूस्खलन से सेना के कानवाई के साथ रोहतांग दर्रा आर-पार होने वाले राशन और निजी वाहनों के पहिये रुके रहे। एक तरफ लेह जाने वाली सेना की कानवाई तो दूसरी तरफ लाहौल से रवाना हुए निजी वाहनों के साथ एचआरटीसी बसों फंसी रहीं। मार्ग बंद होने की सूचना के बाद बीआरओ का दल मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे मार्ग को यातायात के लिए खोला गया।
बीते तीन-चार दिन के पहाड़ों पर हो रही हल्की बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन तथा चट्टानें गिर रही हैं। 31 मई को भी सुबह मनाली की तरफ से चुंबक मोड़ के पास चट्टान गिरने से मार्ग एक घंटे तक बंद रहा। सोमवार को पर्यटन नगरी मनाली के साथ ऊझी घाटी में बारिश हुई। बीआरओ के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने कहा कि मनाली-लेह मार्ग पर सोमवार सुबह कोकसर के साथ लगते डोहरनी नाला के पास भूस्खलन हो गया था। सेना की कानवाई के साथ कुछ निजी वाहन फंस गए थे। बीआरओ ने मशीनरी से भूस्खलन के मलबे और पत्थरों को हटाकर सड़क को खोला।