भले ही रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर नवंबर माह में बंद हो गया हो, लेकिन बीआरओ अभी तक सड़क बहाली में डटा हुआ था। रविवार से बीआरओ ने लाहौल के कोकसर और मनाली के मढ़ी से अपने जवान और मशीनरी हटा ली है।
रोहतांग पार करने वाले वाहन चालकों को मार्च माह तक कोई मदद नहीं मिल पाएगी। अब मनाली-लेह मार्ग से बर्फ नहीं हटाई जाएगी। बर्फीला तूफान आने और बार-बार मौसम खराब होने की वजह से बीआरओ ने अपने जवानों को पीछे हटा लिया है।
38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि कोकसर और मढ़ी से बीआरओ ने अपनी मशीनरी और जवान हटा लिए हैं। अब बर्फबारी होने की सूरत में रोहतांग मार्ग को बहाल नहीं किया जाएगा। बीआरओ अब मार्च माह में ही रोहतांग टॉप की ओर कूच करेगा।
सड़क बंद, हवाई सेवा भी शुरू नहीं- लाहौल-स्पीति अब शेष विश्व से कट गया है। सड़क मार्ग बंद है और हवाई सेवा शुरू होने के अभी कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। जिला प्रशासन ने शीतकालीन हेलीकाप्टर सेवाओं के लिए अभी तक कुल्लू में कर्मचारी तक तैनात नहीं किया है।
तांदी पंचायत प्रधान सुरेश कुमार, गोहरमा के पूर्व प्रधान अमर, जाहलमा के पूर्व प्रधान प्रेम भगत ने जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से जल्द हेलीकाप्टर सेवा शुरू करने की मांग की है। बता दें कि इस सीजन में हवाई सेवा न मिलने से एक महिला मरीज की मौत हो चुकी है।