तेज आंधी-तूफान के दौरान मकान की रेलिंग गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया उसे उपचार के लिए पांवटा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। मामला हिमाचल के माजरा (सिरमौर) का है। में हालत गंभीर होने पर परिजन घायल को देहरादून लेकर गए लेकिन देर रात करीब 2 बजे घायल ने दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवार ने पड़ोसियों के खिलाफ जानमाल की क्षति पहुंचाने की शिकायत दर्ज करवाई है।
वीरवार रात करीब साढ़े आठ बजे क्षेत्र में तेज आंधी चली। माजरा मस्जिद गली के पास माजरा निवासी रमेश छाबड़ा शौच करने को बाहर निकले थे। आंधी के दौरान पड़ोसियों की करीब 30 फीट लंबी दीवार (रेलिंग) गिर गई। इसकी चपेट में आने से रमेश छाबड़ा (66) गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को जिला अस्पताल रेफर किया। परिजन घायल को इंद्रेश अस्पताल देहरादून लेकर गए, जहां पर देर रात करीब 2 बजे घायल ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को पांवटा पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पीड़ित परिजनों ने पड़ोसी परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। माजरा पुलिस चौकी प्रभारी मुकुल शर्मा की टीम ने मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी है।
पड़ोसियों की लापरवाही से हादसा- माजरा निवासी अंकुज छाबड़ा ने लिखित शिकायत में कहा है कि माजरा पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर रिहायशी मकान स्थित है। साथ लगते अश्वनी बंसल का मकान है। पड़ोसियों ने 30 फुट लंबी और 4 फुट चौड़ी दीवार अपने मकान के प्रथम तल पर बनाई।
उस पर किसी तरह की स्पोर्ट व लेंटर नहीं डाला गया था। पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर पड़ोसी परिवार को संभावित जान माल के खतरे के बारे में कई बार कहा गया था। वीरवार रात को दीवार गिर गई। ईंटों के नीचे दबे उसके पिता रमेश छाबड़ा को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इसलिए पड़ोसी परिवार पर जानमाल की क्षति पहुंचाने का मामला दर्ज करने की शिकायत दर्ज करवाई है। उधर, डीएसपी पांवटा योगेश रोल्टा ने बताया कि पीड़ित परिवार की तरफ से शिकायत दर्ज हुई है। जिसके बाद विभिन्न धाराओं के तहत पड़ोसियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा पर ही है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है।