मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन का उद्घाटन किया। यह समूचे उत्तर भारत में उत्कृष्ट डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर का आरंभिक अवस्था में ही पता लगाने के लिए डिजिटल मैमोग्राफी एक अत्याधुनिक मशीन है। महिला रोगियों में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों का बेहतर उपचार करने में सहायक होगी।
यह मशीन रोगियों में कम से कम विकिरण की मात्रा पास करती है। मशीन से कैंसर का पता शुरुआती दौर में ही लग जाता है। अन्य मशीनों के टेस्टों में यह संभव नहीं है। इस मशीन में थ्रीडी टॉमोसिंथेसिस की अतिरिक्त सुविधा है। यह गहराई ब्रेस में छिपे घावों का भी पता लगा लेती है। इस मशीन से की जाने वाली स्टीरियोटैक्टिक बायोप्सी प्रणाली की आपूर्ति से अंतिम ऊतक तक का इलाज शतप्रतिशत सटीक माना जाता है।
इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर, नगर निगम के महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, डीसी दिनेश मल्होत्रा, आईजीएमसी के प्राचार्य डा. एसएस कौशल, चिकित्सा शिक्षा के निदेशक डॉ. जयश्री शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेशचंद, रेडियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डा. आरजी सूद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
टांडा में भी स्थापित होगी मेमोग्राफी मशीन- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य के निचले हिस्सों के रोगियों को लाभान्वित करने के लिए इसी तरह की अत्याधुनिक डिजिटल मैमोग्राफी मशीन कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जाएगी। कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने पर बल दे रही है। सीएम ने कहा कि आईजीएमसी राज्य के उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में से एक है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्षों के दौरान 100 नए स्वास्थ्य संस्थान खोलने के अतिरिक्त चिकित्सकों के 550 और विशेषज्ञों के 60 पद भरे हैं। केंद्र सरकार ने प्रत्येक कॉलेज को 190 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ चंबा, हमीरपुर और मंडी के लिए तीन मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए हैं।