साथ ही ऐसे एथलीट्स के लिए विशेष प्रशिक्षण और अवार्ड की भी व्यवस्था की जाएं ताकि इन्हें भी मुख्यधारा में लाया जा सके। स्पेशल ओलंपिक भारत हिमाचल प्रदेश चैप्टर की अध्यक्ष मल्लिका नड्डा ने कहा कि 2002 से लेकर हिमाचल के विशेष बच्चों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उसी का नतीजा है कि आज इस पहाड़ी प्रदेश से करीब 12,500 एथलीट, 2500 कोच और करीब 2500 से ज्यादा परिवार स्पेशल ओलंपिक भारत हिमाचल चैप्टर के साथ एक मंच पर खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में लगातार मेडल जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। अब जरूरत है कि इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार भी एक कदम आगे बढ़ाकर इनके लिए नीति बनाए।
बैठक के दौरान बीते एक साल में किये गए कार्यों का लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया गया। बैठक में रश्मि धर सूद, परीक्षित मेहदुदिया, बाल कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष पायल वैद्य, सदस्य शीतल व्यास, हरीश चंद्र शर्मा सहित चैप्टर के पदाधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।