क्लीनिकल ट्रायल में पास हुआ था टीका
आर-21 टीका क्लीनिकल ट्रायल में पास हो चुका है। देश के अलग-अलग स्थानों में हुए क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इसकी सटीकता बेहतर पाई गई है। तीन क्लीनिकल ट्रायल में सफल होने के बाद टीके के उत्पादन की मंजूरी दी गई थी।
डब्ल्यूएचओ से प्रमाणित है कसौली की सेंट्रल लैब
कसौली की सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से प्रमाणित है। इस लैब में भारत में उत्पादन और आयात-निर्यात होने वाले हर टीके के प्रभाव और गुणवत्ता की जांच की जाती है। बाजार में लाने से पहले टीका सीडीएल में जांच के लिए आता है। कोरोना वैक्सीन को भी सीडीएल से ग्रीन टिक मिलने के बाद ही बाजार में उतारा गया था। सीडीएल के अधिकारियों ने बताया कि जून में टीके के बैच पास कर इसे विकसित करने वाली कंपनी को भेज दिए हैं।