जिला मुख्यालय धर्मशाला में सामने आए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाकर लाखों रुपये के लेनदेन के मामले के तार पर्यटन नगरी मनाली से भी जुड़ गए हैं। मामले में मनाली से एक आरोपी की पहचान हुई है। हालांकि, यह अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर है। आरोपी के पास से पुलिस ने दो लैपटाॅप, पांच मोबाइल और तीन वाईफाई कनेक्शन बरामद किए हैं। एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि अब तक पुलिस ने बैजनाथ, यूपी और झारखंड के 11 के करीब आरोपियों को हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि अब इस मामले के तार मनाली से भी जुड़े हैं। मनाली में रह रहे एक व्यक्ति को अब तक इस नेटवर्क का सरगना माना जा रहा है।
आरोपी के कब्जे से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें फोन नंबरों के साथ लेन-देन की राशि का जिक्र किया हुआ है। इससे पुलिस को इस मामले को सुलझाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि आरोपी के कब्जे से दाे लैपटाॅप, पांच मोबाइल, दो स्कूटी, एक बाइक और तीन वाईफाई बरामद हुए हैं। इस दौरान आरोपी की केवाईसी डिटेल को भी खंगाला जा रहा है। आरोपी एक प्राइवेट घर में रहता था, जिसे उसने छह लाख रुपये एडवांस किराया देकर लिया था। मौजूदा समय में आरोपी वहां से फरार है।
यह था मामला
जून माह में पुलिस थाना धर्मशाला में चंबा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि बैजनाथ के एक व्यक्ति ने उनका बैंक अकाउंट केनरा बैंक में खुलवाया था। दो माह तक जब उन्हें बैंक से संबंधित पासबुक और एटीएम कार्ड नहीं मिला तो उसने बैंक में संपर्क किया, जहां से उसे पता चला कि उसके बैंक खाते से इन दो महीनों में 65 लाख रुपये का लेनदेन हो चुका है, जिस पर धर्मशाला में रह रहे चंबा निवासी ने मामला दर्ज करवाया था। शिकायत के बाद पुलिस ने बैजनाथ से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी निशानदेही पर मोहाली में यूपी और उत्तराखंड से संबंध रखने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार किया था।