खिचड़ी के नए विश्व रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तत्तापानी के लोगों सहित प्रदेश वासियों को वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी मात्रा में खिचड़ी पकाने के अपने लक्ष्य में सफलता हासिल करने के लिए पर्यटन विभाग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि विभाग ने लगभग 1000 किलो के बड़े अंतर के साथ पहले का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की और से इस इवेंट का आयोजन किया गया था। निदेशक पर्यटन और नागरिक उड्डयन युनूस ने कहा कि खिचड़ी बनाने का उद्देश्य तत्तापानी को विश्व पर्यटन के मानचित्र में लाना था।
तत्तापानी में एक ही बर्तन में 25 कुक लगाए गए जिसमें 15 विशेष शेफ थे। हरियाणा की मशहूर मार्केट जगाधरी से खिचड़ी के लिए एक बड़ा पतीला मंगाया गया था। इसमे लिए एक ईंट की एक विशेष भट्टी बनाई गई थी। करीब एक लाख की खाद्य सामग्री इसमें लगी जिसे तैयार करने में पांच क्विंटल लकड़ी लगी। पांच घंटे तक खिचड़ी पकने के बाद क्रेन की मदद से विशाल पतीले को भट्टी से उतारा गया।
यह लगा सामान
-405 किलो बासमती चावल
-195 किलो माश की दाल
-90 किलो शुद्ध देसी घी
-55 किलोग्राम मसाले
- 1100 लीटर पानी
मुख्यमंत्री सहित 20 हजार लोगों ने मकर सक्रांति के पर्व पर खिचड़ी का स्वाद लिया। हिमाचल टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन व हिमाचल शेफ एसोसिएशन के 15 शेफ नंद लाल शर्मा, सुरेंद्र कुमार, राजीव भारद्वाज, हेमंत कुमार, सुनील शर्मा, प्रमोद कुमार, धनीराम, तेजसिंह, रजनीश, संतोष चौधरी, क्रांति, संजीव, नागेश, प्रदीप कुमार व विनोद ने इतने बड़े बर्तन में खिचड़ी तैयार की। इनके साथ दस स्थानीय कुक भी मदद के लिए मौजूद रहे।