हाथ में तिरंगा लेकर रिवर्स मैराथन रनर में दौड़ने वाले नितिन देश के पहले रनर हैं। लगातर 24 घंटे 134 किलोमीटर राष्ट्रीय ध्वज लेकर दौड़ने वाले मेजर को प्रथम भारतीय अनस्टापेबल मैराथन रनर का कीर्तिमान मिला। उन्होंने गुजरात के जूनागढ़ में 2015 में माउंटेन मैराथन में भी एक हाथ में तिरंगा लेकर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाया है।
मेजर रेंडोनियर साइकिलिंग प्रतियोगिता में तिरंगा हाथ में लेकर नौ घंटे के भीतर 200 किलोमीटर साइकिलिंग करने वाले पहले भारतीय हैं। इन सभी उपलब्धियों से मेजर जोशी को आर्मी आयरनमैन के नाम से जाना जाता है। मेजर ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा को नशे और फैशन में नष्ट न करें। अपने तन-मन को स्वस्थ बनाएं।
भारतीय सेना बनाती है आम आदमी को सुपरमैन- नितिन जोशी ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि उन्हें शाहरुख खान के फौजी नाटक से सेना में शामिल होने की प्रेरणा मिला थी। बस इसके बाद लक्ष्य को साधना ही उनके लिए जुनून बन गया था। भारतीय सेना एक ऐसी संस्था है।
जो हमेशा एक आम आदमी को सुपरमैन बनाने का प्रशिक्षण देती है। मेघालय में एक प्रतियोगिता के दौरान मेजर ने 2500 किलो बर्फ में 29 मिनट रहकर एक और इतिहास रचा है। उन्हें अब आइसमैन के नाम से भी जाना जाता है।