गांव में भीषण अग्निकांड में दस मकानों के 50 कमरे जलकर राख हो गए। लोगों ने आग पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मकानों को जलने से बचाया नहीं जा सका। हिमाचल के शिमला जिले के चौपाल की बम्टा पंचायत के कशाह गांव में भीषण अग्निकांड में दस मकान जलकर राख हो गए। अग्निकांड में तीन मवेशी भी जिंदा जल गए।
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घटना में करीब पचास कमरे और अंदर रखा सामान पूरी तरह से जल गया। बताया जा रहा है कि गांव से कुछ दूरी पर घासनी में आग भड़क गई थी। धीरे-धीरे आग गांव तक पहुंच गई और घरों को चपेट में लेना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन मकानों को जलने से बचाया नहीं जा सका। इस अग्निकांड में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
पलों में सब कुछ हो गया राख
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को फौरी राहत दी है। वीरवार दोपहर के समय गांव के समीप घासनी में आग लगी हुई थी। लकड़ी से बने घरों में आग तेजी से फैली। देखते ही देखते आग ने भीषण रुप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने आग की लपटों को बुझाने का प्रयास तो किया लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में सब कुछ राख हो गया। दस मकानों के करीब पचास कमरे सामान के साथ आग की भेंट चढ़ गए।
प्रशासन की ओर से मौके पर एसडीएम चौपाल अनिल चौहान ने प्रभावित परिवारों को फौरी राहत बांटी है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपये नकद और अन्य सहायता सामग्री भी बांटी है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड में एक करोड़ रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान है। प्रशासन की ओर से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
इनके सिर से छिन गई छत
पुलिस थाना प्रभारी गुलाम अकबर ने बताया कि आग घासनी से फैली है। गांव के कुछ मकान घटनास्थल से दूर थे, ऐसे में ये मकान जलने से बच गए हैं।
इनके सिर से छिन गई छत- गीता राम पुत्र कृपा राम। संतोष पुत्र कृपा राम। प्रेम कुमार पुत्र रणु राम। भोपिंद्र पुत्र रणु राम। मंगत राम पुत्र केवल राम। भागमल पुत्र केवल राम। नरेंद्र पुत्र जीणु राम। जगदीश पुत्र दुला राम। सतपाल पुत्र चेत राम और विपन लाल पुत्र गुलाब सिंह अग्निकांड में बेघर हो गए हैं।
कशाह गांव: कभी होती थी रौनक अब राख के ढेर और आंसू
चौपाल की बम्टा पंचायत का कशाह गांव। वीरवार से पहले इस गांव में खूब रौनक होती थी, पर अग्निकांड ने ऐसे जख्म दिए कि अब राख के ढेर और लोगों की आंखों में आंसुओं का मंजर है। अग्निकांड से दस परिवारों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रभावित खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के लिए मजबूर हो गए हैं। जीवन की सारी पूंजी आंखों के सामने राख होते देख ग्रामीण रो पड़े। जिस गांव में कभी रौनक हुआ करती थी, आज वहां राख के ढेर के अलावा कुछ नजर नहीं आ रहा है।
सिर से छत छीन जाने के बाद अब बेघर ग्रामीणों को सर्दियों की चिंता सता रही है। घासनी से वीरवार को भड़की आग ने दस परिवारों का सब कुछ जलाकर राख कर दिया। अपने घरों को जलता देख ग्रामीण चीखते चिल्लाते रहे। वीरवार देर शाम तक आग गांव में अपना कहर बरपा चुकी थी। दस मकान जलकर खाक हो चुके थे।
प्रभावित परिवार आग की लपटों में से कुछ भी नहीं बचा सके। तबाही के इस मंजर को प्रभावित परिवार नम आंखों से देखते रहे। प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने रहने के लिए एकतिरपाल दे दी है, लेकिन सर्दियों के ठंडे मौसम में तिरपाल के नीचे रात गुजारना ग्रामीणों के लिए आसान नहीं होगा। बिना छत के सर्दियां कैसे बीतेंगीं बस यही चिंता प्रभावित परिवारों को सता रही है।
सड़क खस्ताहाल, ढाई घंटे बाद पहुंची टीम
गांव के लिए जाने वाली लाणी- बम्टा सड़क की खस्ता हालत है। इससे चौपाल से बम्टा करीब 40 किलोमीटर का सफर तय करने में दमकल वाहन को करीब तीन घंटे का समय लग गया। दोपहर करीब ढाई बजे अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद दमकल वाहन तुरंत मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन खराब सड़क के कारण दमकल वाहन को मौके पर पहुंचने में देर हुई।
जैसे तैसे दमकल वाहन शाम करीब साढ़े पांच बजे बम्टा पहुंचा। बम्टा से आगे कशाह संपर्क मार्ग तंग होने के कारण वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में कुछ ही समय में मकान जलकर राख हो गए। हैरानी की बात है कि कई बार सड़क का मामला उठाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं की गई। इसका खामियाजा आखिर लोगों को हो भुगतना पड़ा।
संजौली के ढींगू माता मंदिर की पहाड़ी पर अचानक आग भड़क गई है। आग से आबादी वाले क्षेत्रों में अफरातफरी मच गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। साढे़ आठ से रात साढ़े बारह बजे तक अग्निशमन केंद्र छोटा शिमला, माल रोड से गए बचाव दल और उसके बाद मौके पर पहुंचे आर्मी के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से आग को बस्तियों की ओर आने से रोका।
यदि आग बस्तियों में पहुंच जाती तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता था। अंधेरा और पहाड़ी तक वॉटर टेंडर न पहुंच पाने के बावजूद अग्निशमन विभाग ने आग पर काबू पाया। जवानों ने फायर ऑफिसर माल रोड अग्निशमन केंद्र डीसी शर्मा की अगुवाई में झाड़ियों से बस्ती की ओर बढ़ती आग पर काबू पाने के लिए घंटों कड़ी मशक्कत की।
ढींगू माता मंदिर के समीप आर्मी एरिया को सुरक्षित बचा लिया गया है। अग्निशमन अधिकारी डीसी शर्मा ने बताया कि इसमें स्थानीय लोगों ने भी मदद की। करीब साढ़े बारह बजे तक आग पर काबू पा लिया गया था। यदि यह आग आगे बढ़ती तो इसकी
चपेट में कई घर आ जाते और यह ढली तक फैल सकती थी। शर्मा ने बताया कि इस ऑपरेशन में अग्निशमन के 15 जवान और अधिकारियों के अलावा बाद में आर्मी के करीब 25 जवानों तीन अलग अलग स्थानों पर मोर्चा संभाल कर आग बुझाने का कार्य किया।