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सदन में सीएम वीरभद्र और धूमल के बीच हुई तीखी नोक-झोंक

Fri, 23 Dec 2016 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा)
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शीत सत्र के चौथे दिन सदन में वीरभद्र-धूमल दोनों में तीखी नोक-झोंक हो गई। विधायकों के निलंबन पर दोनों दलों के नेता आमने-सामने हुए। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर विपक्ष में रहते हुए सचिव के मुंह पर कागज फेंकने की बात की, वहीं सीएम वीरभद्र बोले- उस समय झूठा केस बनाया गया था। 
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नेता प्रतिपक्ष ने प्रश्नकाल के बीच विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल से कहा कि विपक्ष ने उनसे अनुरोध किया था कि वे नियमानुसार सदन चलाएं। कार्यवाही नियमानुसार नहीं चलाए जाने का विरोध किया गया तो स्पीकर ने यहां तक कह दिया कि वे नियमों को बदल सकते हैं। 

संविधान बदलने तक की बातें की गईं। पंद्रह मिनट के लिए हाउस को स्थगित किया गया, उसके बाद देरी से शुरू होने पर स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और आशा कुमारी भी सदन के भीतर नहीं थे। भारद्वाज पैनल में थे तो प्रिजाइडिंग अधिकारी होने के नाते वे आसन पर बैठे। अन्य दो सदस्य भी विरोध कर रहे थे, जो उनका अधिकार है।
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वीरभद्र बोले, आपने प्रिविलेज का झूठा केस बनाया

इसके बाद धूमल ने सदन के नेता वीरभद्र सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा- आपने तो ये कहा कि जब ये सब सदन में हुआ तो पूर्व सीएम भी यहीं थे, ये शर्म की बात है। जब आप यहां थे तो आपने तो कागज फाड़कर सचिव पर मारे थे। इस पर गुस्साए वीरभद्र ने धूमल की ओर इशारा कर कहा- आपने तब प्रिविलेज का झूठा केस बनाया था। सीएम के ऐसा कहने पर जब नेता प्रतिपक्ष ने इसे

गलत बताया तो सीएम बोले- आपसे कौन बॉदर करता है। जो करना है करें। इस पर धूमल बोले - सीएम होने के नाते आपकी भाषा ये नहीं होनी चाहिए। जब वे कैंपस में आ रहे थे तो उनको रोक दिया गया। धूमल बोले - सवेरे जब भाजपा विधायक परिसर में आ रहे थे तो उन्हें रोक दिया गया। परिसर में आम आदमी को आने दिया गया। चुने हुए विधायकों को सदन में नहीं आने दिया गया। हमें लेकर आना पड़ा।

कल राज्यपाल को चार्जशीट सौंपेगी भाजपा

राज्यपाल आचार्य देवव्रत - फोटो : File Photo
हिमाचल भाजपा प्रदेश की वीरभद्र सरकार के खिलाफ  24 दिसंबर को राज्यपाल आचार्य देवव्रत को चार्जशीट सौंपेगी। चार्जशीट में मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के विरुद्ध आरोपपत्र सौंपा जाएगा। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने बताया कि विभिन्न जिलों से आए फीडबैक के आधार पर दस्तावेजों सहित चार्जशीट दी जाएगी। यह चार्जशीट कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की अंतिम कील साबित होगी। 

पार्टी उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पार्टी अध्यक्ष सतपाल सत्ती सहित पार्टी का पूरा नेतृत्व उपस्थित रहेगा। बताया कि 24 को पार्टी के सभी नेता एवं कार्यकर्ता प्रेम कुमार धूमल के निवास पर उपस्थित होंगे। वहां से सीधा राजभवन जाकर राज्यपाल को वर्तमान वीरभद्र सिंह सरकार के खिलाफ चार्जशीट सौपेंगे।

ये सजा सदन ने दी है, मैं तो केवल संचालन कर रहा हूं: बुटेल

स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि विधायकों को शीतसत्र से निलंबित करने की सजा उन्होंने नहीं दी है। ये तो सदन ने ही दी है। वे सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं। बोले- जो भी कार्रवाई की गई है वह नियमानुसार हुई है। और कार्रवाई पर भी विचार होगा। अन्य प्रिजाइडिंग अधिकारियों के यहां मौजूद होने के कारण भारद्वाज चेयर पर नहीं बैठ सकते थे। 

बुटेल ने यह भी कहा कि उन्होंने बुधवार को सदन में संविधान को बदलने की बात नहीं की। उन्होंने तो ये बताया था कि वे संविधान को भी बदलवा सकते हैं। अगर वे एमपी होंगे तो उस स्थिति में ऐसा कर सकते हैं। बुटेल प्रश्नकाल के बीच में विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल की ओर से इस बारे में आपत्ति किए जाने पर बोल रहे थे। इस बीच उन दोनों में तनानतीपूर्ण संवाद हुआ।

सदन में इस तनानती के बीच नेता प्रतिपक्ष बोले- ये सब आपने बाद में संशोधित किया है। यहां तो सवालों की भाषा बदल जाती है। इस पर बुटेल ने कहा- आप बहुत बडे़ हैं। जब प्रश्नकाल खत्म होगा तो बैठेंगे। इन मुद्दों पर बात करेंगे। इसी दौरान भाजपा में हाल ही में शामिल विधायक महेश्वर सिंह ने भी आसन को अपनी बात से नहीं मुकरने को कहा। इसी बीच भाजपा विधायक रविंद्र रवि भी स्पीकर के कथन पर आपत्ति करने लगे तो बुटेल बोले- आप 12 बजे के बाद उधर 12 बजे के बाद आइये। आपकी तसल्ली कर दूंगा।
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मंत्री भी तो सीएम के पास जाते हैं: धूमल

धूमल ने स्पीकर बुटेल की ओर कहा- सजा तो बेगुनाहों को मिली जो खडे़ ही थे। अगर मंत्री सीएम की सीट के पास जाकर उन्हें गाइड कर सकते हैं तो वे भी ऐसा क्यों नहीं कर सकते थे। अभी-अभी ही एक मंत्री सीएम को गाइड कर आए हैं। बुटेल बोले - कौन। इस पर विपक्षी सदस्यों की ओर से आवाज उठी - जीएस बाली। 

भारद्वाज आसन पर बैठे तो मैं धूमल साहब के साथ यहीं बैठा था: जगत
प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने कहा - जब सुरेश भारद्वाज स्पीकर की चेयर पर बैठे तो मैं सदन के भीतर ही था। मैं यहीं धूमल साहब के साथ ही बैठा था। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का ये कहना सही नहीं है कि मैं हाउस में नहीं था। इस पर स्पीकर बोले कि वे इसकी पड़ताल करेंगे। 
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