जम्मू कश्मीर में बाढ़ के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग मनाली-लेह को लंबे समय तक बहाल रख पाना बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती है। पांच दर्रों से होकर गुजरने वाले सामरिक महत्व के इस नेशनल हाईवे पर अब मौसम भारी पड़ने लगा है।
सितंबर में ही इन दर्रों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है। पारा गिरने से पानी जमने लगा है। मनाली के बाद 13050 फीट की ऊंचाई पर रोहतांग, 14050 बारालाचा, जम्मू-कश्मीर में 18000 फीट की ऊंचाई पर पड़ने वाला खारदुंगला दर्रे के अलावा नमकीला और तंगलंगला को दिसंबर तक बहाल रख पाना मुश्किल है।
आधिकारिक रूप से 16 सितंबर के बाद उक्त मार्ग को बंद कर दिया जाता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद इस मार्ग को इस बार दिसंबर तक बहाल रखने के प्रयास चल रहे हैं। बीआरओ 70 आरसीसी के ओसी मेजर एसके एंथोनी ने भी माना कि बर्फबारी से परेशानी तो आएगी लेकिन बीआरओ हर परेशानी से निपटने को तैयार है।
केलांग-लेह लद्दाख बस सेवा कल से बंद
परिवहन निगम ने केलांग से लेह लद्दाख के लिए बस सेवा 16 सितंबर से बंद करने का निर्णय लिया है। आरएम केलांग गोपाल शर्मा का कहना है कि 16 सितंबर के बाद लेह के लिए बस सेवा बंद कर दी जाएगी। हालांकि मनाली की ओर से अभी सेवा जारी रहेगी।