खुद को पाकिस्तानी महिला बनाने वाली ममता उर्फ महम्मदा के वापस अपने वतन लौटने की उम्मीदें जग गई हैं। महम्मदा की पहचान के लिए पाकिस्तान उच्चायोग की टीम शिमला आएगी। पाकिस्तान उच्चायोग ने मशोबरा के नारी सेवा सदन में रह रही बेसहारा मुस्लिम महिला महम्मदा के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। अब उच्चायोग अपनी टीम इस महिला से मिलने के लिए शिमला भेजने पर विचार कर रहा है।
उच्चायोग के अधिकारियों ने खुद को पाकिस्तानी नागरिक बता रही महिला के मुद्दे पर उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव को फोन कर काफी जानकारी जुटाई। उधर, पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और भारतीय कैदी सरबजीत को पाकिस्तान की जेल से छुड़ाने के प्रयास करने वाले विख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने भी अजय श्रीवास्तव से संपर्क किया है।
पहचान सही निकली तो जल्द वतन लौटेगी महम्मदा
अजय श्रीवास्तव ने कहा कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त के अधिकारियों ने मीडिया रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें फोन करके महम्मदा के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की। उन्होंने ये भी पूछा कि वह कब और कहां मिली तथा उसकी दिमागी हालत कैसी है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी उच्चायोग इस्लामाबाद स्थित अपने विदेश मंत्रालय से संपर्क में है और एक टीम उस महिला से मिलने के लिए शिमला भेजने पर विचार कर रहा है। उन्होंने मानवाधिकार से जुड़े मामले को उजागर करने के लिए उमंग फाउंडेशन का धन्यवाद किया। ऐसे में यदि महम्मदा के बताए अनुसार उसकी पहचान हो जाती है तो जल्द ही वह पाकिस्तान लौट सकेगी।
अंसार बर्नी ने भी दिया मदद का भरोसा
आज ही पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और सरबजीत मामले को लेकर भारत में लोकप्रिय हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने अजय श्रीवास्तव से संपर्क कर बताया कि पाकिस्तान के शहर गुजरात में उनके अंसार बर्नी ट्रस्ट ने महम्मदा के परिवार के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि महम्मदा यदि पाकिस्तानी है तो उसकी घर वापसी के प्रयासों में वे उमंग फाउंडेशन की पूरी मदद करेंगे।
उधर, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक जेआर कटवाल का कहना है कि ‘हमने महिला महम्मदा का मेडिकल चैकअप करवा लिया है। मंगलवार को उसे सुंदरनगर में मनोचिकित्सीय जांच के लिए भेजा जा रहा है। बाकी मामला छानबीन के लिए पुलिस विभाग को दिया गया है।’