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महेश्वर सिंह ने बताया चार साल बाद क्यों की भाजपा में वापसी

Fri, 12 Aug 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिलोपा प्रमुख एवं कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश में तीसरा मोर्चा देने में फेल हो गए, इसीलिए पुराने घर लौटने का फैसला लिया है। महेश्वर सिंह ने दावा किया कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर व्यक्तिगत आरोप कभी नहीं लगाए। खुद के भाजपा में जाने के फैसले पर कहा कि अगर कांग्रेस सरकार अच्छा काम करती तो मेरा फैसला कुछ और होता।
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सीएम के तथाकथित सलाहकारों ने उनको कहीं नहीं छोड़ा। भाजपा में जाने के फै सले पर हिलोपा विधायक महेश्वर ने वीरवार को यह बात पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि तीन साल में हिमाचल विधानसभा में भी सरकार के गलत फैसलों का खुलकर विरोध किया। राजनीति में एडजस्टमेंट होती है।

यहां भाई-भाई में झगड़ा हो जाता है। ऐसा नहीं है कि तुलनात्मक दृष्टि से भाजपा में भ्रष्टाचार नहीं है। पर केंद्र में एक परिवर्तन आया है। भाजपा की सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को कुल्लू में हिलोपा का भाजपा में विलय होगा। इसमें भाजपा के तमाम नेताओं को बुलाया गया है। इससे पहले 13 अगस्त को चार बजे कुल्लू में कार्यकर्ताओं की बैठक रखी गई है।
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सोफत और गुलेरिया को नोटिस भेजे

महेश्वर सिंह ने कहा कि अभी हिलोपा का भाजपा में विलय नहीं हुआ है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए महेंद्र नाथ सोफत और धर्म चंद गुलेरिया को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। उनसे पूछा गया है कि क्यों न उन पर निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने चुनाव आयोग को भी एक पत्र भेजा है कि हिलोपा की किसी समानांतर गतिविधि पर गौर नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि महेंद्रनाथ सोफत आम आदमी पार्टी में जाना चाहते हैं, मगर 98 फीसदी हिलोपा पदाधिकारियों ने कुल्लू बैठक में उन्हें पार्टी के विलय के फैसले के लिए अधिकृत किया है।

कांगड़ा से शिमला तक गर्माई सूबे की सियासत
दल बदल के दौर के बीच वीरवार को कांगड़ा से शिमला तक सूबे की सियासत गर्माई रही। भले ही हिमाचल लोकहित पार्टी का भाजपा में विलय 14 अगस्त को होगा लेकिन धड़ों में बंटी पार्टी में जमकर वार-पलटवार चल रहा है।

कांगड़ा के नगरोटा बगवां में सुभाष शर्मा को हिलोपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर वार किया गया तो शिमला से हिलोपा प्रमुख महेश्वर सिंह ने निलंबन के नोटिस का एलान कर पलटवार कर दिया।

सुभाष को सौंपी हिलोपा के कार्यकारी अध्यक्ष की बागडोर

नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल लोक हित पार्टी के एक धड़े की बैठक नगरोटा बगवां में पूर्व मंत्री एवं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता महेंद्र नाथ सोफत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पार्टी के भाजपा में विलय का विरोध किया गया। पार्टी अध्यक्ष महेश्वर सिंह के भाजपा में जाने के एलान के बाद बैठक में प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा को हिलोपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद की बागडोर सौंप दी गई।

सोफत ने दावा किया कि बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों सहित कोर कमेटी के 8 में से 4 सदस्यों और 8 जिलाध्यक्षों में से 4 ने विलय का विरोध किया है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सोफत ने कहा कि महेश्वर सिंह का यह कथन बिलकुल गलत है कि उन्हें पार्टी का विलय करने का अधिकार दिया गया है। भाजपा में जाने का महेश्वर सिंह का निजी फैसला है।

हिलोपा उनकी निजी संपत्ति नहीं है। महेश्वर सिंह ने सिद्धांतों को ताक पर रखकर भाजपा में जाने का फैसला लिया है। उससे उन्होंने हिलोपा का अहित किया है। महेश्वर सिंह ने हिलोपा से चुनाव जीता है। इसलिए भाजपा में जाने से पूर्व वह नैतिकता के आधार पर विधायक पद से त्यागपत्र देकर जाएं।
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महेश्वर के साथ मिलकर बेनकाब की थी धूमल सरकार

बैठक में फैसला लिया गया है कि हिलोपा प्रदेश की जनता को तीसरे विकल्प के तौर पर सेवाएं देती रहेगी। सोफत ने कहा कि 2012 में राज्य में भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा का गठन किया गया था। इसका संयोजक महेश्वर सिंह को बनाया गया। सूचना का अधिकार का पूर्ण

इस्तेमाल करते हुए तत्कालीन धूमल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार के बहुत से मुद्दों पर तत्कालीन सरकार को बेनकाब किया। उसके बाद राजनीतिक लड़ाई लड़ने की मंशा से हिमाचल लोकहित पार्टी का गठन किया।

बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में डॉ. धर्म चंद गुलेरिया, सुभाष शर्मा, महिला सेल प्रदेश अध्यक्ष रमा गुलेरिया, ट्राइबल  फ्रंट कनवीनर बीरबल कपूर, प्रदेश सचिव जितेंद्र पॉल, प्रदेश किसान सेल अध्यक्ष रविंदर सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एसएस ठाकुर, सतीश चौधरी, जिला  कांगड़ा

अध्यक्ष मुलख राज शर्मा, जिला सोलन अध्यक्ष देविंद्र वर्मा, जिला चंबा अध्यक्ष केवल राणा, जिला हमीरपुर अध्यक्ष चमन लाल सोनी, जिला चंबा युवा सेल अध्यक्ष केवल राणा, जिला बिलासपुर संगठन मंत्री एसपी गौतम, प्रदीप शर्मा, जिला कांगड़ा उपाध्यक्ष एएन कौल और जिला सोलन के उपाध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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