मामला एक
सुबह करीब साढ़े नौ बजे मंत्री कांढापतन पंप हाउस अपने काफिले के साथ पहुंचे। उन्होंने देखा कि कांढापतन टैंक में सही तरीके से सफाई नहीं की गई है और फिल्टर बैड में प्लास्टिक के डिब्बे पड़े थे। यहां से सैकड़ों गांवों को पानी की सप्लाई जाती है। वहीं, जिस फिल्टर से पानी साफ होता है, वह खोलकर बाहर रखा हुआ था। इस पर मंत्री भड़क गए और उन्होंने वहीं से सचिव आईपीएच को फोन मिलाया और तुरंत सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के निलंबन ऑर्डर जारी करने के आदेश दिए।
मामला दो
करीब साढ़े दस बजे मंत्री का काफिला मकरीड़ी पहुंचा। वहां जेई सेक्शन में वह पहुंच गए। वहां कुछ सामान की जानकारी लेनी चाही तो सही तरीके से जेई जानकारी नहीं दे सका। स्क्रेप का सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। वहीं निर्देशानुसार टैंकों की नियमित सफाई और स्टोर में क्या-क्या सामान पड़ा है, इसकी सूची न होने के चलते उन्होंने जेई के निलंबन ऑर्डर कर दिए। इसके बाद वह जोगिंद्रनगर मंडल में आईपीएच स्टोर में भी गए, जहां वह संतुष्ट दिखे।