महेंद्र सिंह ने कहा कि बागवानी विभाग ने विभिन्न विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिनमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत 23.06 करोड़ रुपये की लागत से फल फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए राज्य के फल क्षेत्रों में ओला नियंत्रण प्रणाली स्थापित करना तथा राज्य में जैविक कृषि को बढ़ावा
देने के लिए अगले तीन साल के लिए 60 करोड़ रुपये की ‘परंपरागत कृषि विकास परियोजना’ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को पूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए राज्य में मधुमक्खी पालन गतिविधियों के विकास के लिए राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के अंतर्गत 15.11 करोड़ रुपये की एक परियोजना तैयार की गई है।
उन्होंने मंत्रालय से इन परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री ने समेकित बागवानी विकास मिशन के तहत पिछले वर्ष की लंबित देनदारियों के लिए 60.31 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की भी मांग की।
केंद्रीय मंत्री ने बागवानी मंत्री की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं पर शीघ्र विचार किया जाएगा तथा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।