माता को चढ़ाए जाएंगे कोलकाता से लाए 108 कमल के फूल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी मंदिर के हॉल में सोमवार को मां दुर्गा की महासप्तमी पूजा मंत्रोच्चारण के साथ हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता को पुष्पांजलि अर्पित की। मंगलवार को संधि पूजा की जाएगी। इसमें मां को विशेष रूप से कोलकाता से लाए गए 108 कमल के फूल चढ़ाए जाएंगे। सोमवार को सुबह 9:00 बजे मां दुर्गा का नव पत्रिका में प्रवेश हुआ।
नव पत्रिका यानि नौ पौधों में प्रवेश के साथ ही मां दुर्गा का पूजन किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे मां की विशेष पूजा की गई। इसके दौरान सभी श्रद्धालुओं ने पुजारी के साथ मंत्रों का जाप कर पूजा कर मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद भोग और आरती होगी। मंगलवार को मंदिर में मां चामुंडा की संधि पूजा दोपहर 1:20 से 2:08 बजे तक आयोजित की जाएगी। यह पूजा सभी नवरात्रों में विशेष मानी जाती है। मंदिर के पुजारी पंडित चंचल बैनर्जी ने बताया कि यह आस्था मां चामुंडा के लिए त्रेता युग से चली आ रही है। इस दौरान माता को साड़ी चढ़ाना शुभ माना जाता है।
संधि पूजा शुरू होने से महाअष्टमी की विशेष पूजा होगी। चंड-मूंड का संहार करने के लिए मां दुर्गा ने चामुंडा रूप धारण किया था, उस समय अष्टमी तिथि के अंतिम चौबीस मिनट और नवमी तिथि के शुरुआत के चौबीस मिनट थे। इस समय के बीच चंड मूंड का मां चामुंडा ने वध कर दिया था। इसलिए इस समय दो तिथियों की संधि होने से मां चामुंडा की यह पूजा संधि पूजा के नाम से जानी जाती है। मां को तृप्त करने के लिए संधि पूजा में 108 कमल के फूल चढ़ा जाते हैं।