बीते सितंबर माह में कुल्लू में प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया था। ब्यास नदी में बढ़े जलस्तर ने मनाली से औट तक अपनी जद में आने वाली हर चीज को नष्ट कर दिया था। आपदा में करोड़ों का नुकसान हुआ था।
इस पर प्रशासन ने नववर्ष के आगमन पर ब्यास के तट पर महा आरती करने का निर्णय लिया है, जिससे वर्ष 2019 में कुल्लू घाटी में शांति बनी रहे। उपायुक्त यूनुस ने कहा कि कुल्लू में पहली बार ब्यास महाआरती होगी।
करीब दस हजार लोग ब्यास महाआरती करेंगे। वाद्ययंत्रों की थाप पर प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही और विश्व शांति के लिए ब्यास महाआरती की जाएगी। आयोजन को लेकर जल्द विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों तथा देव समाज के साथ बैठक की जाएगी।