हिमाचल प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर साढ़े पांच रुपये रुपये सस्ता हो गया है। अप्रैल महीने में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को 561 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। शिमला शहर में होम डिलीवरी के लिए उपभोक्ताओं को 50 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे। पहल योजना (डीबीटीएल) से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार करीब 125 रुपये की सब्सिडी बैंक खाते में लौटाएगी।
गैस सब्सिडी छोड़ चुके उपभोक्ताओं को वैट का पांच रुपये अतिरिक्त शुल्क भी चुकाना पड़ेगा। सब्सिडी योजना से नहीं जुड़ने वालों को 566 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा। उधर, कामर्शियल गैस सिलेंडर के दाम सात रुपये घटे हैं। इस महीने कामर्शियल गैस सिलेंडर 1174 रुपये में मिलेगा। 70 रुपये के डिलीवरी चार्ज अतिरिक्त देने होंगे।
मार्च महीने में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 566.50 रुपये और कामर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 1181 रुपये थे। जबकि फरवरी में घरेलू सिलेंडर 628, कामर्शियल 1187 रुपये, जनवरी में घरेलू गैस सिलेंडर 711 और कामर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 1350 रुपये था। पहली अप्रैल से पूरे प्रदेश में गैस सिलेंडरों के ये नाम दाम लागू होंगे।
मार्च 2017 तक 12 सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी- अप्रैल 2016 से लेकर मार्च 2017 तक उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर 12 गैस सिलेंडरों का कोटा मिलेगा। कोटे के सिलेंडर समाप्त करने वालों से बाजार कीमत वसूली जाएगी।
डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की बंद है सब्सिडी- हिमाचल में करीब डेढ़ लाख लाख उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद है। दस लाख रुपये की सालाना आय वालों की केंद्र सरकार ने सब्सिडी बंद कर दी है। इसके दायरे में प्रदेश के कई वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस,
आईएफएस, एचएएस, एचपीएस, डाक्टर, क्लास वन और क्लास टू अफसर आ रहे हैं। इसके अलावा हजारों उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर गैस सब्सिडी स्वयं भी छोड़ दी है। प्रदेश में करीब 14 लाख रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं।