स्थानीय होटल कारोबारी राजीव अग्रवाल ने बताया कि एक सप्ताह पहले से वीकेंड के लिए एडवांस बुकिंग हो चुकी थी लेकिन अब सैलानी फोन पर बात करके मैन्यू देखने के बाद एडवांस बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। इसके अलावा जो फोन कॉल आ रही थीं वह बुकिंग ही नहीं करवा रहे हैं। अब तो फोन आना भी बंद हो गए हैं। इससे कारोबारी घाटे में जा रहे है। हालांकि, सैलानियों को कम खाने में भी अच्छी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ होटलों को सीमित संसाधनों के साथ काम चलाना पड़ रहा है जबकि कुछ छोटे होटल और रेस्तरां संचालकों को अस्थायी रूप से अपनी सेवाएं कम करनी पड़ी हैं। इसके अलावा लक्कड़ बाजार और मिडिल बाजार सहित अन्य स्थानों पर ढाबा संचालकों को ताला लगाना पड़ा है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि इस वीकेंड पर शहर के होटलों में 15 से 20 फीसदी की बुकिंग हुई है। दूसरे शनिवार के चलते इस वीकेंड पर सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन सैलानियों ने शिमला का रुख करना कम कर दिया है। वहीं शुक्रवार सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक शहर के छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार और मिडिल बाजार के कई होटल, ढाबे सिलिंडर न मिलने के कारण बंद हो गए। ऐसे में सस्ती दरों पर खाना खाने आए लोगों को इन होटलों और ढाबों के बाहर से मायूस होकर लौटना पड़ा। इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी कवि खन्ना ने कहा कि इंडक्शन की काफी मांग है। दो दिन पहले दुकान का सारा स्टॉक खत्म हो गया है। अब व्यावसायिक इंडक्शन की मांग आना शुरू हो गई है जोकि एक दो दिन में आएगा। वहीं होटल एंड रेस्टोरेंट अध्यक्ष मोहेंद्र सेठ ने कहा कि शिमला में यदि जल्द गैस सिलिंडरों की आपूर्ति न हुई तो शहर में पर्यटन कारोबार चौपट हो सकता है। होटलों में खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों और भट्टिट्टयों का सहारा लेना पड़ रहा है। अभी सैलानियों की आवाजाही कम है।
दुकान का खर्च निकालना हुआ मुश्किल
पांच दिन से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की सप्लाई नहीं आई है। ऐसे में दुकान का किराया भी नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में रोजमर्रा का खर्चा पूरा न होने के बाद बंद करने का निर्णय लिया है।- जगदीश कुमार, मिडिल बाजार
आधे दिन ही चलीं दुकानें
गैस सिलिंडर खत्म हो गया है। ऐसे में आधे दिन में ही दुकान पर शटर लगाना पड़ गया। प्रशासन अगर मदद करता है तो शहर में उनके साथ बाकी के लोगों को दुकानदारी फिर से शुरू हो सकती है।- अनंत राम शर्मा, निवासी लक्कड़ बाजार
ग्राहक जा रहे वापस
दूरदराज से लोग शहर में घूमने आए हैं लेकिन अब दुकानों में खाना नहीं बन रहा है। ऐसे में दुकान पर आए ग्राहकों को भूखे पेट ही लौटना पड़ रहा है। बच्चे और बुजुर्ग इससे काफी परेशान हैं। - लक्ष्मीकांत, निवासी लक्कड़ बाजार
अब बर्गर ही बनाने पड़ेंगे
दो दिन पहले सिलिंडर खत्म हुआ है। ऐसे में अब दुकान बंद करने का कोई चारा नहीं बचा है, अब इंडक्शन लाने की तैयारी है। अब मोमोज और बर्गर बनाकर गुजारा करना पड़ेगा। इससे परिवार का पालन पोषण हो सकें। - मोनू गुप्ता, निवासी छोटा शिमला