उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मंडी संसदीय सीट से प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता पूरी तरह से मुकर गए थे। पहले माना जा रहा था कि हाईकमान मंडी संसदीय सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने पर विचार कर सकता है।
वीरभद्र सिंह मना कर चुके हैं कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। पूर्व मंत्री कौल सिंह पहले ही प्रभारी के समक्ष कह चुके हैं कि उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं हैं।
उधर, आश्रय भाजपा से टिकट पाने के लिए जुटे रहे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। इसी बीच दादा सुखराम ने कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं खासकर एआईसीसी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल के माध्यम से रास्ता तैयार किया और घर वापसी कर ली।