कांग्रेस
प्रदेश के लोग जब आपदा से जूझ रहे थे, भाजपा नेता राजनीति में व्यस्त थे। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा प्रत्याशियों से पूछेगी कि आपदा को लेकर प्रधानमंत्री से कब राशि देने का मुद्दा उठाया। भाजपा केंद्रीय मदद के झूठे दावे करती आई है। अगर दावों में सच्चाई है तो केंद्र से जारी राशि को लेकर श्वेत पत्र लाए। प्रभावितों को सरकार की ओर से जो राहत राशि दी गई है, उसका पूरा हिसाब देने को हम तैयार हैं। - देवेंद्र बुशैहरी, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
भाजपा
कांग्रेस ने राहत पैकेज बांटने के नाम पर भाई-भतीजावाद किया। जनता जानती है कि आपदा प्रभावितों के स्थान पर कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पैसा बांटा। केंद्र ने हिमाचल को आपदा राहत के लिए 1782 करोड़ जारी किए हैं। पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद जेपी नड्डा ने आपदा प्रभावित जिलों के दो बार दौरे किए। दोनों बार 300-300 करोड़ की किस्त लेकर आए। प्रियंका गांधी ने शिमला में घर होने के बावजूद सुध नहीं ली। - करण नंदा, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा
दलीय राजनीति से ऊपर उठना होगा : उपमन्यु
पर्यावरणविद कुलभूषण उपमन्यु का कहना है कि हिमालय के स्वरूप को बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकारों को दलीय राजनीति से ऊपर उठकर इसके लिए प्रयास करने होंगे। विकास के नाम पर अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे निर्माण को रोकने की जरूरत है। हिमालय की नाजुकता को ध्यान में रखना जरूरी है। पर्यटन को बढ़ावा देना सही है लेकिन जो कचरा फैल रहा है। इसकी अनदेखी नहीं हो सकती।
अनियोजित विकास रोकने को कदम उठाएं : चंदेल
पूर्व राजस्व सचिव आईएस चंदेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट जरूरी है। वक्र रेखाओं की तरह बेतरतीब सड़कें बन रही हैं। सड़क बनाने के लिए डंगे पहले लगने चाहिए। सरकारों को प्रदेश में हो रहे अनियोजित विकास रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए। आपदा से बचाव के लिए अग्रिम बंदोबस्त होने चाहिए ताकि अगर आपदा आती है तो नुकसान को कम से कम किया जा सके।