भाजपा अपने शीर्ष नेतृत्व के सर्वोच्च तीन चेहरों को हिमाचल के चुनाव प्रचार में उतार चुकी है। अब कांग्रेस भी चुनावी मैदान में भाजपा के स्टार प्रचारकों का जवाब अपने स्टार प्रचारकों से दे रही है। रविवार को नाहन और ऊना में राहुल गांधी हुंकार भर चुके। सोमवार-मंगलवार को प्रियंका की चुनावी जनसभाएं और रोड शो होंगे। प्रदेश में सियासी समीकरणों को समझते हुए भाजपा ने मोदी मैजिक का लाभ उठाने की कोशिश में प्रधानमंत्री की जनसभाएं करवाई हैं। हमीरपुर और कांगड़ा-चंबा सीट पर जेपी नड्डा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभाएं कीं।
उपचुनाव की प्रतिष्ठित जंग को देखते हुए शाह की जनसभा के लिए पार्टी ने कांगड़ा में धर्मशाला और ऊना में अंब को चुना। हमीरपुर सीट पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पांचवीं बार मैदान में हैं। जबकि, कांगड़ा सीट पर भाजपा के डॉ राजीव भारद्वाज के मुकाबले कांग्रेस के आनंद शर्मा मैदान में हैं। कांग्रेस शिमला सीट में सिरमौर जिले को कमजोर कड़ी के रूप में भी देख रही है। भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान सांसद सुरेश कश्यप इसी जिले से हैं। भाजपा हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने के मुद्दे को भुनाना चाहती है। इसी को देखते हुए रविवार को कांग्रेस ने राहुल गांधी को नाहन में प्रचार के मोर्चे पर उतारा। राहुल ने ऊना में भी जनसभा की। अब सोमवार को प्रियंका गांधी कांगड़ा के शाहपुर और चंबा में जनसभा करने आ रही हैं। प्रियंका का मंडी में रोड शो और कुल्लू में जनसभाएं 28 मई को प्रस्तावित हैं। भाजपा-कांग्रेस में यह वार-पलटवार क्या गुल खिलाएगा, इसका पता 4 जून को नतीजों से ही चलेगा।
भाजपा की रणनीति के केंद्र में शिमला और मंडी
भाजपा ने रणनीति के तहत मंडी और शिमला संसदीय सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभाएं करवाईं। इन दोनों सीटों पर मुकाबला नजदीकी होने की संभावना जताई जा रही है। शिमला सीट पर कांग्रेस से पूर्व सांसद केडी सुल्तानपुरी के विधायक बेटे विनोद सुल्तानपुरी भाजपा के प्रत्याशी निवर्तमान सांसद सुरेश कश्यप को चुनौती दे रहे हैं। विधायकों के संख्या बल और मंत्रिपद के हिसाब से शिमला जिले में कांग्रेस खुद को ठीक स्थिति में मानकर चल रही है। उधर, मंडी सीट पर अब तक शाही परिवार का दबदबा रहा है। अब कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह भाजपा की बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के सामने प्रत्याशी हैं।