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जहां-जहां मैंने प्रचार किया, वहां लीड लेगी कांग्रेस: वीरभद्र

Fri, 17 May 2019 11:29 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह प्रदेश कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता हैं इसीलिए हाईकमान ने उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार समिति की कमान सौंपी है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक वीरभद्र सिंह को चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की बढ़त की उम्मीद है।

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अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता विपिन काला से विशेष बातचीत में वीरभद्र सिंह पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम पर दिए बयान के सवाल को टाल गए तो सीएम जयराम ठाकुर पर भी खामोश नजर आए। प्रस्तुत हैं बातचीत के अंश :  

हिमाचल में कांग्रेस कितनी सीटें जीत रही है

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में कांग्रेस कितनी सीटें जीत रही है। पार्टी के अधिकांश स्टार प्रचारक क्यों नहीं पहुंचे? 
- हमारा लक्ष्य प्रदेश की चारों लोकसभा सीटें जीतने का है। प्रचार अच्छा है। चारों संसदीय क्षेत्रों में कांग्रेस की लीड बढ़ेगी। जहां-जहां मैं प्रचार में गया, वहां लीड मिलेगी। चुनाव में कई स्टार प्रचारकों ने प्रचार किया। ज्यादा भीड़ भी अच्छी नहीं होती।  

मंडी सीट से वीरभद्र परिवार को टिकट क्यों नहीं मिला?
-
कोई बड़ी बात नहीं है। मेरे बेटे विक्रमादित्य सिंह ने लंबी राजनीतिक पारी खेलनी है और उनके पास मंडी से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए लंबा समय है। वर्तमान में बेटा युवा विधायक हैं। मंडी संसदीय सीट से कोई पैनल नहीं भेजा गया था। आश्रय शर्मा को मंडी से टिकट हाईकमान ने दिया है। 

मोदी लहर कितनी चलेगी?
- लोकसभा चुनाव में कोई मोदी लहर नहीं है। भाजपा सिर्फ दुष्प्रचार कर रही है। मोदी लहर न पहले थी और न ही अब है। पांच साल तक सिर्फ जुमलेबाजी होती रही।  

ऐसे बयान क्यों, जिससे भाजपा का काम आसान हो रहा हो? 

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
ऐसे बयान क्यों, जिससे भाजपा का काम आसान हो रहा हो? 
- मैंने अभी तक ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे भाजपा को फायदा हो रहा हो। मैं बयान देते समय संयम रखता हूं। मुझे मीडिया में हर रोज बयान देने की आदत भी नहीं है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती शब्दों में भले ही संयम न रखें, लेकिन मैंने कभी गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।    

सीएम शरीफ नहीं, शातिर हैं, ऐसा आपने क्यों कहा? 
- मैंने सीएम जयराम को कभी शातिर नहीं कहा। सीएम शालीन हैं लेकिन यह नहीं कहूंगा कि वह जो करते हैं, वह सब ठीक है। मैं सीएम की पूरी इज्जत करता हूं। सीएम एक हद तक शालीनता रखते हैं। 

शांता कुमार आप पर हमले बोल रहे हैं, क्या कहेंगे आप?
- पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार में शालीनता है। कई बार बोलना मजबूरी हो जाती है। नहीं तो पार्टी के नेता और अन्य लोग गलत समझने लगते हैं।

जयराम कह रहे- कांग्रेस विधायक सीएलपी नेता के काबू में नहीं, क्या कहेंगे? 

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
जयराम कह रहे- कांग्रेस विधायक सीएलपी नेता के काबू में नहीं, क्या कहेंगे? 
- ऐसा नहीं है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नियंत्रण में सभी विधायक हैं। मुकेश कोई भी फैसला लेते हैं तो इससे पहले सभी विधायकों को विश्वास में रखते हैं। मुकेश बढ़िया काम कर रहे हैं। 

भाजपा का आरोप है, छह बार सीएम रहने पर भी आप विकास नहीं करवा सके? 
- मूर्ख हैं वे लोग जो इस तरह से बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। हिमाचल का विकास कांग्रेस की देन रही है और यह प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है। कांग्रेस जब-जब सत्ता में रही प्रदेश में सड़कों का विस्तार किया गया, शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले गए, बिजली और पानी पहुंचाया गया। कोई ऐसा क्षेत्र अछूता नहीं रहा, जहां विकास नहीं हुआ हो। 
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एबीवीपी से आनंद शर्मा को मैं कांग्रेस में लाया

वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
वीरभद्र सिंह ने कहा कि एबीवीपी से आनंद शर्मा को मैं कांग्रेस में लाया था और उस समय वह 25-26 साल के थे। तालकटोरा स्टेडियम में इंडियन कांग्रेस का सम्मेलन था। उस समय नाहन के अजय बहादुर को युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना था।

अजय राजस्थान चले गए और फिर युवा कांग्रेस अध्यक्ष आनंद शर्मा को बनाया गया। इस पर कांग्रेस में विरोध भी हुआ कि एबीवीपी से कांग्रेस में आया नेता कैसे युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है? मैंने कहा कि आनंद शर्मा अच्छा काम करते हैं।

नेहरू ने बगैर आवेदन किए दिया था मुझे टिकट 
वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 1962 में महासू सीट से बिना आवेदन किए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मुझे टिकट देने की सूचना दे दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि किसी और को इसके बारे में न बताना। ऐसे ही अन्य राज्यों से भी 30 लोगों को बिना आवेदन किए लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया। टिकट मिलने के बाद उन्होंने चुनाव जीता। यहीं से पारी शुरू की। 
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